तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने अपने करियर के शुरुआती दिनों के एक मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की है। सिराज तब काफी बीमार थे। वह बीमार होने के बावजूद प्रैक्टिस के लिए गए थे।
‘मेरी जान जा सकती थी लेकिन…’
सिराज ने सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर कहा, ”अंडर-23 में जब सिलेक्शन हुआ तो मैं दो दिन प्रैक्टिस के लिए नहीं गया। मेरा टीम में नाम था। उस समय मुझे डेंगू हो गया था। ग्लूकोज चढ़ रहा था। मैंने उन्हें बताया कि तबीयत खराब है। उन्होंने बोला कि अगर प्रैक्टिस के लिए नहीं आएगा तो टीम से बाहर कर देंगे। मैं जीरो एनर्जी के साथ आईवी पर था। एक दिन पहले डॉक्टर बोला कि तुम सही टाइम पर आ गए, अगर कल तक ऐसी हालत रहती तो आपकी जान भी जा सकती थी। लेकिन सुबह 5:30 बजे मैंने पापा को उठाया। मैंने कहा कि बात ऐसी है अगर मैं नहीं गया तो टीम से निकालने को बोले रहे।”
‘फिर जाकर मैंने टेस्ट करवाया और…’
उन्होंने आगे कहा, ”मैं जाना चाहता हूं। पापा आप ही लेकर जा सकते हो। पापा बोले बॉलिंग डालने की हिम्मत है। मैंने बोला कि मैं एडजस्ट कर लूंगा। फिर पापा अपने ऑटो में मुझे ले गए। सुबह मेरा खाली पेट का टेस्ट था। मैं डॉक्टर के आने से पहले पापा के साथ चला गया। अम्मी नीचे सो रही थीं। दूसरे अस्पताल में गए और वहां आईवी निकाला। फिर प्रैक्टिस के लिए गया। उस टाइम जो चमत्कार मैंने देखा, शायद कभी बयां नहीं कर सकूं। मुझमें जीरो एनर्जी थी। मैं गया, बॉलिंग, फील्डिंग और बैटिंग की। मैं सबकुछ किया। फिर जाकर मैंने टेस्ट करवाया और सब नॉर्मल था। मैं ऊपर वाले का चमत्कार देखा।”
‘मुझे लॉन्ग स्पेल डालना बहुत पसंद है’
सिराज टेस्ट क्रिकेट में लंबे-लंबे स्पेल डालने के लिए मशहूर हैं। तेज गेंदबाज ने बताया कि यह खूबी शुरुआती दिनों में टेनिस बॉल टूर्नामेंट खेलने से विकसित हुई। सिराज पैसों के लिए ऐसे टूर्नामेंट खेलते थे। उन्होंने कहा, ”बचपन से ऐसा है। टेनिस बॉल मैच के लिए 50 रुपये मिलते थे। मैं लगातार बॉलिंग करता रहता था। शरीर को आदत पड़ गई। मुझे लॉन्ग स्पेल डालना बहुत पसंद है। अगर मैं अभी भी जाकर लीग मैच खेलूंगा तो मैं वही इंटेंसिटी से बॉल करूंगा और वही एनर्जी रखूंगा।” सिराज ने 2019 में इंटरनेसन डेब्यू किया था। वह भारत के के लिए अब तक 48 टेस्ट, 50 वनडे और 17 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.