29 की उम्र में जहां आजकल लोगों का करियर शुरू ही होता है, वहां इंस्टाग्राम पर एक लड़की की स्टोरी काफी इंस्पायरिंग है। उन्होंने इस छोटी सी उम्र में ही रिटायरमेंट ले लिया है। अब आप सोच रहे होंगे कैसे? तो चलिए उनकी स्टोरी जानते हैं।
नौकरी छोड़ने के बाद खरीदी छोटी सी जमीन
29 साल की इस लड़की ने छोटी उम्र में ही रिटायरमेंट का सुकून लेने के लिए सबसे पहले जमीन का एक छोटा सा टुकड़ा खरीदा। उसका मकसद सिर्फ जमीन खरीदना नहीं था, बल्कि ऐसी जगह तैयार करना था जहां वह अपनी पसंद के हिसाब से रह सके और सुकून महसूस कर सके। उसने इस जगह को एक खास नाम भी दिया। अपने पिता और बेटी से जुड़े भाव को ध्यान में रखते हुए उसने इसका नाम ‘Baap Beti Farm’ रखा। इस तरह जमीन का यह छोटा सा टुकड़ा उसके लिए एक ऐसी जगह बन गया, जिससे उसका इमोशनल अटैचमेंट भी है।
जमीन पर लगाए फलदार पेड़
जमीन खरीदने के बाद लड़की ने अपनी जमीन पर फलदार पेड़ लगाने शुरू किए। इसका कहना है कि फलदार पेड़ लगाना लंबे समय के लिए अच्छा फैसला हो सकता है। पेड़ समय के साथ बड़े होते हैं और आगे चलकर फल देते हैं। अगर आप भी अपनी जमीन पर पेड़ लगाना चाहते हैं, तो शुरुआत अपनी जगह और जरूरत के हिसाब से करें। पेड़ लगाने के बाद उनकी देखभाल, पानी और सही माहौल का ध्यान रखना भी जरूरी है। यानी सिर्फ पौधा लगा देना काफी नहीं है, उसे समय देना भी जरूरी है।
अपना खाना खुद उगाने की कोशिश
उसके फार्म का एक अहम हिस्सा अपना खाना खुद उगाना भी है। वह चाहती है कि जमीन पर अपनी जरूरत की कुछ खाने की चीजें खुद उगाई जा सकें। इससे खाने के मामले में कुछ हद तक खुद पर निर्भर रहने का मौका मिलता है। उसकी सोच के मुताबिक, अगर कभी लॉकडाउन या युद्ध जैसी मुश्किल स्थिति आती है और बाहर से चीजें आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं, तो अपनी जमीन पर उगाई गई चीजें मदद कर सकती हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति पूरी तरह बाहरी मदद या सरकार पर निर्भर रहना बंद कर सकता है। यह सिर्फ अपनी जरूरतों का कुछ हिस्सा खुद पूरा करने की कोशिश है।
फूलों से भरी अपनी छोटी सी दुनिया
उसने अपनी जमीन पर सिर्फ खाने वाले पौधों और पेड़ों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि फूलों के लिए भी जगह बनाई। उसका मानना है कि जब आपके आसपास रोज खूबसूरत चीजें होती हैं, तो मन को भी अच्छा महसूस होता है। इसलिए अगर आप भी अपने लिए ऐसी जगह बनाना चाहते हैं, तो वहां अपनी पसंद के फूल और पौधे जरूर लगाएं। जरूरी नहीं कि जगह बहुत बड़ी हो। थोड़ी सी जमीन में भी हरियाली और फूलों के जरिए एक अच्छा माहौल बनाया जा सकता है।
उसके लिए रिटायरमेंट का मतलब क्या है
इस लड़की की कहानी में सबसे खास बात रिटायरमेंट को लेकर उसकी सोच है। उसके लिए रिटायरमेंट का मतलब किसी तय उम्र तक काम करने के बाद सब कुछ छोड़ देना नहीं है। वह इसे अपनी जिंदगी में सुकून और अपनी पसंद की चीजों के लिए जगह बनाने के तौर पर देखती है। यानी अगर किसी इंसान को लगता है कि लगातार दबाव में रहने के बजाय वह अपनी जिंदगी को शांत तरीके से जीना चाहता है, तो उसके लिए रिटायरमेंट की शुरुआत उम्र से नहीं, सोच से हो सकती है।
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