हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष टीम के लिए इस साल कुछ भी अच्छा नहीं जा रहा है। पहले ही टीम इंडिया सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी थी और अब एक और शर्मनाक घटना सामने आई है। भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह को बेल्जियम के खिलाफ खेले गए मुकाबले में यलो कार्ड दिखाया गया। ऐसा इसलिए क्योंकि उस दौरान भारतीय टीम के 12 खिलाड़ी मैदान पर थे। यह भारतीय टीम और हॉकी के लिए बेहद शर्मनाक क्षण के रूप में कैद हुआ।
यह घटना खेल के 11वें मिनट में घटी। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह को अचानक पीला कार्ड दिखाया गया। बाद में स्पष्ट किया गया कि मैदान पर 12 भारतीय खिलाड़ी मौजूद थे, जिसके कारण कप्तान को कार्ड दिखाया गया। इस कारण से पीला कार्ड मिलने का मतलब था कि हरमनप्रीत को पांच मिनट के लिए खेल से बाहर बैठना पड़ा। इसमें दूसरे क्वार्टर का एक मिनट भी शामिल था। हॉकी नियम पुस्तिका का नियम 2.2 इस घटना को अवैध या गलत प्रतिस्थापन के रूप में वर्गीकृत करता है। ऐसे मामलों में, अंपायरों को खेल रोकना और टीम के कप्तान को जिम्मेदार ठहराना आवश्यक है। इसके बाद कप्तान को व्यक्तिगत दंड कार्ड दिखाया जाता है, जो या तो ग्रीन कार्ड होता है, जिसके परिणामस्वरूप दो मिनट का निलंबन होता है, या यलो कार्ड होता है। ऐसा होने पर पर कम से कम पांच मिनट का निलंबन होता है। नियम में आगे यह भी कहा गया है कि अतिरिक्त खिलाड़ी, इस मामले में हरमनप्रीत, को मैदान छोड़ना होगा, जबकि कप्तान के निलंबन की अवधि के दौरान टीम को कम खिलाड़ियों के साथ खेलना होगा।
हॉकी विश्व कप में भारत का लचर प्रदर्शन
बता दें कि हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम ने लगातार लचर प्रदर्शन किया है। पूरे विश्व कप के इतिहास में टीम इंडिया ने सिर्फ एक बार ही खिताब अपने नाम किया है। पिछले 50 से अधिक सालों से टीम इंडिया हॉकी विश्व कप में पदक के सूखे को झेल रही है। चार साल के इंतजार के बाद आए विश्व कप में सभी भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद थी कि टीम इंडिया इस बार का खिताब अपने नाम करेगी, लेकिन भारतीय टीम पहले तो इंग्लैंड से हार गई, उसके बाद नीदरलैंड और फिर आखिर में अर्जेंटीना ने करारी शिकस्त देकर उम्मीदों पर पानी फेर दिया। टीम इडिया इस साल सिर्फ पाकिस्तान और वेल्स को हरा पाई है। आज बेल्जिमय के साथ आखिरी मुकाबला चल रहा है जिसमें स्कोर 2-2 से ड्रॉ पर है। प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि टीम इंडिया यह मुकाबला तो जीतकर घर लौटे।