बिल में हो रहा है अलग से जिक्र
जोमैटो की बिल समरी में Pay on delivery Fee का जिक्र होगा। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार जब ग्राहक अपने ऑर्डर पर कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प चुनता है तब उसे पैसा देना पड़ता है। बता दें, कुछ मामलों में यूजर्स से 7 रुपये से 20 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
यह नई फीस जोमैटो की प्लेटफॉर्म फीस, रेस्टोरेंट्स पैकेजिंग चार्ज और जीएसटी के अतिरिक्त है। जोमैटो ने यह फैसला ऐसे समय में किया जब सेक्टर में पहले की तुलना में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। कुछ नए प्लेयर्स एंट्री कर रहे हैं। Rapido Ownly की तरफ धीरे-धीरे लोग आकर्षित हो रहे हैं। वहीं, फ्लिपकार्ट अपने फूड डिलीवरी सर्विस को टेस्ट कर रहा है। इसके अलावा स्टार्टअप Swish ने भी पैसा जुटाया है। इन सबके अतिरिक्त स्विगी पहले से ही इस सेक्टर में मौजूद है।
5 रुपये से बड़ी कमाई
भले ही देखने में लगे की यह सिर्फ 5 रुपये की ही बढ़ोतरी है। लेकिन इससे कंपनी को रेवन्यू में अच्छा इजाफा होगा। जोमैटो को हर दिन 2.3 मिलियन से 2.5 मिलियन फूड ऑर्डर्स मिल रहे हैं। यानी हर दिन कंपनी को 1.15 करोड़ रुपये से 1.25 करोड़ रुपये का अतिरिक्त पैसा मिल सकता है। वहीं, सालाना यह आंकड़ा 420 करोड़ से 456 करोड़ रुपये के करीब बैठता है।
जोमैटो के शेयरों की कैसी है हालात
शुक्रवार को बीएसई में जोमैटो के शेयर बीएसई में 0.78 प्रतिशत की तेजी के साथ 323 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था। बीते 3 महीने के दौरान कंपनी के शेयरों की कीमतों में 37 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। वहीं, 6 महीने में स्टॉक का दाम 44 प्रतिशत बढ़ा है। हालांकि, इसके बाद भी इटरनल के शेयरों ने एक साल में 1.54 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है। बता दें, दो साल में इटरनल के शेयरों का दाम 18 प्रतिशत और 3 साल में 218 प्रतिशत बढ़ा है।
(यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
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