शी की कार हांगकी या रेड फ्लैग से आती है, जो चीन के राजनीतिक नेतृत्व के लिए कारों के निर्माण के लिए 1958 में फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स द्वारा स्थापित एक ब्रांड है। ये हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट्स अब हांगकी एN701 से जुड़ी हुई हैं।
शी की कार हांगकी या “रेड फ्लैग” से आती है, जो चीन के राजनीतिक नेतृत्व के लिए कारों के निर्माण के लिए 1958 में फर्स्ट ऑटोमोटिव वर्क्स द्वारा स्थापित एक ब्रांड है। ये हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट्स अब हांगकी एN701 से जुड़ी हुई हैं। हालांकि, चीन ने लिमोसिन के बारे में कुछ ऑफिशियल डिटेल जारी किए हैं। अनुमान है कि N701 18 फीट से अधिक लंबी और तीन टन से अधिक वजनी है। ऐसा माना जाता है कि इसमें भारी कवच, बुलेट-प्रूफ ग्लास और मजबूत बॉडीवर्क के साथ-साथ इंडीपेंटेड लाइफ-सपोर्ट और सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम मिलता है।
ऑरस के विपरीत, इसमें N701 की बेसिट मैकेनिकल स्पेसिफिकेशंस भी काफी हद तक अननॉन हैं। चीन ने आधिकारिक तौर पर अपने इंजन, पावर आउटपुट या बैलिस्टिक सुरक्षा के सटीक स्तर का खुलासा नहीं किया है। लिमोजीन का प्रोडक्शन बहुत सीमित संख्या में किया जाता है और यह प्राइवेट खरीदारों के लिए उपलब्ध नहीं है। होंगकी का अपनी अन्य प्रमुख कारों, L5 के माध्यम से भी भारत से सीधा संबंध है।
पीएम मोदी ने 2025 में SCO शिखर सम्मेलन के लिए तियानजिन की अपनी यात्रा के दौरान हांगकी L5 में यात्रा की थी। शी ने इससे पहले महाबलीपुरम में पीएम के साथ अनौपचारिक बातचीत के लिए अपनी 2019 की भारत यात्रा के दौरान L5 का इस्तेमाल किया था। L5 5.5 मीटर से अधिक लंबी है और इसका वजन तीन टन से अधिक है। इसे 6.0-लीटर V12 के साथ पेश किया गया है जो 400 हॉर्सपावर से जनरेट करता है। कथित तौर पर ये करीब 210 Km/h की स्पीड तक पहुंच सकती है। इसके केबिन में लेदर सीटें, लकड़ी और जेड डिटेलिंग, गर्म और हवादार मसाज सीटें और एंटरटेनमेंट स्क्रीन दी हैं। L5 की कीमत करीब 5 मिलियन युआन यानी करीब 7 करोड़ रुपए है।
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