… अमित कुमार दास …
नयी दिल्ली, 12 सितंबर भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स का मानना है कि भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार है और इसके लिए जापान में निरंतर प्रदर्शन तथा अधिक से अधिक बर्डी के मौके बनाना अहम होगा। भारत एशियाई खेलों में छह सदस्यीय गोल्फ दल उतारेगा। महिला टीम में अदिति अशोक, दीक्षा डागर और प्रणवी उर्स शामिल हैं जबकि पुरुष वर्ग में युवराज संधू, वीर अहलावत और सप्तक तलवार देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मैसूर की 23 वर्षीय प्रणवी ने ‘पीटीआई’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं नतीजे के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहती। मैं अपनी प्रक्रिया पर कायम रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।’’
उन्होंने कहा कि गोल्फ आमतौर पर व्यक्तिगत खेल है इसलिए देश और टीम के लिए खेलने का अनुभव उनके लिए खास होगा। प्रणवी ने कहा, ‘‘गोल्फर के तौर पर हम ज्यादा टीम स्पर्धाएं नहीं खेलते।
यह मुख्य रूप से व्यक्तिगत खेल है। इसलिए देश और टीम के लिए मैदान पर उतरना ऐसी चीज है, जिसका मैं इस साल बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। अदिति और दीक्षा के टीम में होने से यह सप्ताह और भी अच्छा रहेगा।’’
भारत ने एशियाई खेलों में पिछली बार पुरुष वर्ग में 2002 में शिव कपूर के जरिए स्वर्ण पदक जीता था।
प्रणवी ने कहा, “हमें ज्यादा से ज्यादा मौके बनाने, बर्डी के अवसर हासिल करने और गेंद को अच्छी तरह ड्राइव करने पर ध्यान देना होगा। पूरी टीम के खेल का एक साथ सही दिशा में आना जरूरी है, इसके लिए बहुत कम स्कोर करना जरूरी नहीं है। अगर हम हर दिन लगातार तीन-चार अंडर का स्कोर करते हैं, तो इससे हम अपने आप पदक की दौड़ में शामिल हो जाएंगे।’’
लेडीज यूरोपीय टूर (एलईटी) पर लगातार खेल रही 23 वर्षीय प्रणवी ने कहा कि एशियाई खेलों का मैदान अंतरराष्ट्रीय सर्किट से बहुत अलग नहीं होगा क्योंकि सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों की कई शीर्ष खिलाड़ी एलईटी में खेलती है।
अगस्त में आयरिश ओपन में संयुक्त 17वें स्थान पर रहने वाली प्रणवी ने कहा, ‘‘मैं इसे किसी अलग प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देख रही हूं। मैं मैदान पर उतरकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी और उम्मीद है कि पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’
कोच स्टीवन जूलियानो के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहीं प्रणवी का फिलहाल पूरा ध्यान अपने ‘अप्रोच शॉट’ को बेहतर करने और स्कोर बनाने के लिए खुद को बेहतर स्थिति में रखने पर है। उनका दीर्घकालिक लक्ष्य हालांकि एशियाई खेलों से कहीं आगे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘लेडीज यूरोपियन टूर पर खिताब जीतना मेरा सपना है, जिसके लिए मैं पिछले तीन साल से प्रयास कर रही हूं और उम्मीद है कि मुझे एलपीजीए में भी खेलने का मौका मिलेगा।
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