घर से जाते समय पुरुष पॉकेट में पर्स, मोबाइल, कार की चाभी सब चेक करते हैं और कुछ लोग छोटी कंघी भी। साइकोलॉजी के मुताबिक, ऐसे पुरुषों की कुछ आदतें अलग होती हैं।
क्या कहता है साइकोलॉजी
साइकोलॉजी के मुताबिक, जो पुरुष साथ में कंघी रखते हैं वह खुद को बेहतर तरीके से पेश करने, तैयार रहने और हर परिस्थितियों पर नियंत्रण महसूस करने जैसी वजहें हो सकती हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जो लोग साथ में कंघी नहीं रखते हैं वह अच्छे नहीं दिखते या फिर उनकी पर्सनैलिटी में गड़बड़ है। इससे ये पता चला है कि कंघी रखने वाले पुरुष दिखावे को लेकर जुनूनी या जरूरत से ज्यादा चिंतित होते हैं।
लुक को लेकर सीरियस
कई पुरुष ऐसे होते हैं जिनके बाल उड़ जाए या खराब हो जाए तो उन्हें फर्क नहीं पड़ता है लेकिन जो लोग साथ में कंघी रखते हैं, वह अपने प्रेजेंटेशन को लेकर काफी सीरियस होते हैं। उनका एक भी बाल अगर इधर से ऊधर हुआ तो वह उसे सही करने में आधा घंटा भी लगा सकते हैं। मनोविज्ञान में इसे सेल्फ प्रेजेंटेशन से जोड़ा जाता है। कुछ लोग अपने कपड़ों, बालों और ओवरऑल लुक पर ज्यादा ध्यान देते हैं।
हर सिचुएशन में रहना है तैयार
साइकोलॉजी के मुताबिक, ऐसे लोग हर सिचुएशन में तैयार रहने की सोच भी रखते हैं। कुछ लोगों को पहले से यह पसंद होता है कि अचानक कोई परिस्थिति आ जाए तो उनके पास उसका छोटा-सा समाधान मौजूद हो। जैसे किसी जरूरी मीटिंग से पहले बाल खराब हो गए। जिस व्यक्ति के पास कंघी है, वह तुरंत उन्हें ठीक कर सकता है। इस तरह कंघी उसके लिए ‘अगर कुछ गड़बड़ हुई तो मैं उसे ठीक कर सकता हूं’ वाली भावना पैदा कर सकती है।
छोटी चीज पर कंट्रोल का एहसास
जब आप रोजाना कोई काम करो तो आपको उसकी आदत पड़ जाती है। जेब में कंघी रखने का मतलब हुआ कि किसी छोटी चीज पर आपका पूरा कंट्रोल। आप ट्रैफिक, मौसम पर कंट्रोल नहीं कर सकते लेकिन आप कैसे दिख रहे हैं, इसे सुधार सकते हैं। इसलिए कुछ पुरुषों के लिए जेब में कंघी रखना एक तरह का छोटा-सा कंट्रोल टूल बन सकता है।
जरूरत बन जाती है आदत
शुरुआत में हो सकता है कि जेब में कंघी रखना किसी जरूरत की वजह से शुरू किया हो लेकिन धीरे-धीरे ये आदत बन जाती है। अगर ऐसा कई बार होता है तो धीरे-धीरे कंघी साथ रखना रोजाना के रूटीन का हिस्सा बन सकता है। फिर घर से निकलते समय मोबाइल, वॉलेट के साथ कंघी चेक भी होती है।
घमंड या दिखावा से भरे कहना है गलत
अगर कोई व्यक्ति अपनी जेब में कंघी रख रहा है, तो इसका ये मतलब नहीं है कि वह घमंडी, अभिमानी या फिर दिखावे से भरा हुआ है। किसी के लिए यह सिर्फ एक जरूरी चीज हो सकती है। किसी के लिए ग्रूमिंग रूटीन का खास हिस्सा, तो किसी के लिए हर सिचुएशन में तैयार रहने की आदत।
कंघी भूल जाने पर बेचैनी?
साइकोलॉजी के मुताबिक, जब कोई चीज आप रोजाना साथ में कैरी करो और अचानक एक दिन भूल जाओ तो उस दिन बेचैनी होगी। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि दिमाग में कंघी तैयार रहने या जरूरत पड़ने पर बाल ठीक करने से जुड़ गई है। दिमाग अब उसके बिना आपको घबराहट या बेचैनी का सिग्नल भेजेगा।
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