सरकार ने कहा कि जो छात्र बिना किसी वित्तीय सहायता के PhD पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं, उनके दायरे को बढ़ाने के लिए UGC ने गैर-नेट फेलोशिप के रूप में वजीफा देकर आंशिक सहायता करने का निर्णय लिया है।
सरकार ने 8,000 रुपये की नॉन UGC NET फेलोशिप पर भी कुछ नहीं बोला
शशि थरूर ने कहा कि सरकार ने अपने जवाब में इस सवाल को भी नजरअंदाज किया गया है कि क्या सरकार ने क्वालिफाइड उम्मीदवारों और उपलब्ध फेलोशिप के बीच बढ़ते अंतर को चेक किया है, या क्या वह JRF की संख्या बढ़ाना चाहती है या योग्यता के नियमों में बदलाव करना चाहती है। सबसे अहम बात यह है कि इसमें 8,000 रुपये की नॉन UGC NET फेलोशिप की राशि में बदलाव के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, यह राशि 2006 से वैसी ही बनी हुई है, जबकि समय-समय पर इसमें बदलाव होना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मैंने 2023 में जीरो आवर के दौरान भी यह मुद्दा उठाया था, फिर भी सरकार ने इसमें बदलाव के लिए न तो कोई वादा किया है और न ही कोई समय-सीमा बताई है। आर्थिक मदद के अलावा, संस्थागत रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, सही एकेडमिक सुपरविजन पक्का करने, शिकायतों के निपटारे के लिए असरदार सिस्टम बनाने और रिसर्च फेलोशिप सपोर्ट की पूरी समीक्षा करने की भी बहुत जरूरत है, ताकि भारत का रिसर्च इकोसिस्टम अपने स्कॉलर्स की उम्मीदों के साथ कदम मिलाकर चल सके।’
शशि थरूर ने सरकार से क्या क्या पूछे सवाल
क) पिछले पांच वर्षों में UGC-NET उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों की वर्ष-वार संख्या, प्रदान की गई JRF (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) की संख्या और JRF प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों का अनुपात क्या है?
(ख) क्या सरकार ने UGC-NET उत्तीर्ण करने वाले योग्य उम्मीदवारों की संख्या और प्रदान की जाने वाली JRF की संख्या के बीच बढ़ते अंतर पर ध्यान दिया है? यदि हां, तो इसके क्या कारण हैं?
(ग) क्या सरकार का शोध के इच्छुक उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए JRF की संख्या में वृद्धि करने या मौजूदा प्रतिशत-आधारित सीमा सहित पात्रता मानदंडों में संशोधन करने का विचार है?
(घ) क्या सरकार ने इस बात पर ध्यान दिया है कि UGC गैर-नेट (Non-NET) फेलोशिप की राशि वर्ष 2006 से 8,000 रुपये प्रतिमाह पर ही बनी हुई है? यदि हां, तो इसमें संशोधन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और इसकी संभावित समय-सीमा क्या है?
सरकार ने क्या दिए जवाब
शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने इन प्रश्नों के जवाब में कहा कि JRF का चयन UGC-NET के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि UGC-NET में परीक्षा देने वाले कुल उम्मीदवारों में से 6 प्रतिशत उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए पात्र घोषित किए जाते हैं। इसके बाद इसी योग्य उम्मीदवारों के समूह में से UGC हर वर्ष 11,750 JRF स्वीकृत करता है।
अन्य फेलोशिप के विकल्प:
उन्होंने कहा कि PhD करने वाले छात्रों की सहायता के लिए विभिन्न मंत्रालयों और संगठनों द्वारा भी फेलोशिप प्रदान की जाती है। इसके तहत अनुसूचित जातियों (SC), अनुसूचित जनजातियों (ST), अन्य पिछड़ा वर्गों (OBC), दिव्यांग व्यक्तियों और एकल बालिकाओं के लिए विशेष फेलोशिप दी जाती है।
शोध परियोजनाओं से सहायता
मंत्री ने बताया कि PhD छात्र विभिन्न फंडिंग एजेंसियों द्वारा स्वीकृत शोध परियोजनाओं में शामिल होकर भी अपने शोध कार्य के लिए निधि प्राप्त कर सकते हैं।
गैर नेट वालों को नॉन नेट फेलोशिप के रूप में मिलेगा वजीफा
मजूमदार ने कहा कि जो छात्र बिना किसी वित्तीय सहायता के PhD पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं, उनके दायरे को बढ़ाने के लिए UGC ने गैर-नेट फेलोशिप के रूप में वजीफा देकर आंशिक सहायता करने का निर्णय लिया है। यह फेलोशिप देश भर के विभिन्न केंद्रीय विश्वविद्यालयों, विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों और उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में स्थित विश्वविद्यालयों के M.Phil/PhD छात्रों को लाभान्वित कर रही है।
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