Cooking Tips: राजमा बना रही हैं, तो ये 1 छोटा सा स्टेप जरूर फॉलो करें। बहुत से घरों में और ढाबों पर ये ट्रिक फॉलो की जाती है, जिससे राजमा बहुत ही खुशबूदार और स्वादिस्ट बनता है।
राजमा की ग्रेवी में क्यों मिलाते हैं 1 चम्मच देसी घी?
मसालों का स्वाद और खुशबू उभर कर आती है
राजमा की ग्रेवी में देसी घी मिलाने से मसालों का स्वाद और खुशबू ज्यादा बेहतर तरीके से उभर कर आती है। देसी घी में मौजूद फैट मसालों के साथ मिलकर अरोमा रिलीज करता है, जिससे खुशबू तो बेहतर होती ही है, साथ में ग्रेवी का फ्लेवर भी काफी गहरा आता है। यही वजह है कि राजमा का स्वाद ज्यादा बैलेंस्ड और टेस्टी लगता है।
ग्रेवी ज्यादा स्मूद और रिच बनती है
ग्रेवी में उबले हुए राजमा एड करने से पहले अगर थोड़ा सा देसी घी भी एड कर दिया जाए, तो ग्रेवी में एक स्मूद और रिच टेक्सचर आता है। घी सारे मसालों के साथ अच्छी तरह मिक्स हो जाता है और पूरी ग्रेवी में समान रूप से फैलता है। यही वजह है कि घर का राजमा भी ढाबे जैसी रिचनेस वाला बनता है।
राजमा पचाने में आसानी होती है
कई भारतीय घरों में यह भी माना जाता है कि अगर राजमा की ग्रेवी में देसी घी एड किया जाए तो इसे पचाना थोड़ा आसान हो जाता है। राजमा खाने के बाद जो भारीपन या पेट में गैस महसूस होती है, उसमें थोड़ी कमी देखने को मिल सकती हैं। हालांकि इसके लिए सबसे इफेक्टिव तरीका यही है कि राजमा को हमेशा भिगोने और अच्छे से उबालने के बाद ही बनाएं।
पोषक तत्वों के अवशोषण में मिल सकती है मदद
खाने में मौजूद फैट सॉल्यूबल कम्पाउंड यानी ऐसी पोषक तत्व जो फैट के साथ घुलकर शरीर में पहुंचते हैं, उनके बेहतर अवशोषण में भी देसी घी मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए हल्दी जैसे मसाले में मौजूद कर्क्यूमिन फैट में घुलने वाला कंपाउंड है। हेल्दी फैट की वजह से शरीर इसे बेहतर तरीके से अवशोषित कर सकता है।
कितना और कब देसी घी मिलाना चाहिए?
जब आप राजमा की ग्रेवी बना लें, तो उसमें एक चम्मच के करीब देसी घी मिला दें। बहुत ज्यादा घी एड करने की जरूरत नहीं है। इसके बाद ही उबला हुआ राजमा एड कर दें। ये छोटा सा हैक आपके घर वाले राजमा में बिल्कुल ढाबे वाला रिच और फ्लेवरफुल टेस्ट देगा।
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