9,267 करोड़ रुपये रिफंड
सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 41.56 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को करीब 9,267 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। यह राशि आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी गई है। अब लंबित आवेदनों की जांच कर पात्र निवेशकों को रिफंड देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
क्यों बंद हुई थी रिफंड की प्रकिया?
सरकार के अनुसार नवंबर 2025 के बाद पोर्टल की IT इंफ्रास्ट्रक्चर, लाइसेंस, हार्डवेयर, AMC और कर्मचारियों से जुड़ी कुछ समस्याओं के कारण क्लेम की प्रोसेसिंग प्रभावित हुई थी। अब इन तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर पोर्टल बहाल किया गया है।
45 दिन में पैसा आएगा?
रिफंड व्यवस्था में पात्र क्लेम पूरा होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया को सामान्य तौर पर 45 दिनों के भीतर पूरा करने का प्रावधान बताया गया है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि अप्लाई करते ही 45 दिन में पैसा खाते में आना तय है।
पहले Aadhaar e-KYC, बैंक खाते की जानकारी, सदस्यता/जमा रिकॉर्ड और संबंधित सहकारी समिति के रिकॉर्ड का सत्यापन होता है। किसी तरह की कमी मिलने पर क्लेम अटक सकता है।
क्लेम रिजेक्ट या Deficiency में गया है तो क्या करें?
जिन निवेशकों के आवेदन में कमी बताई गई है, उनके लिए Resubmission Portal की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे निवेशकों को बताई गई कमी दूर करके अपना दावा दोबारा जमा करना चाहिए।
ध्यान रखें कि रिफंड के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति या वेबसाइट को OTP, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी न दें। आवेदन और स्टेटस के लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें।
31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगी प्रक्रिया
सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद सहारा समितियों के जमाकर्ताओं को रिफंड देने की समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाई गई है। ऐसे में आने वाले महीनों में लंबित क्लेम की प्रोसेसिंग और भुगतान महत्वपूर्ण रहेगा।
किसी भी सहायता के लिए नीचे दिए नंबरों पर करें कॉल
पोर्टल हेल्प डेस्क नंबर:
01120909044 / 01120909045
सोसायटी के नंबर:
संपर्क का समय: सोमवार से शुक्रवार, सुबह 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक (केंद्र सरकार की छुट्टियों को छोड़कर)
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.