गणेश चतुर्थी पर्व का शुभारंभ हो चुका है। हर साल भाद्रमास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश उत्सव मनाया जाता है। इस अवसर पर मुंबई से लेकर पूरे देशभर में गणेश जी के पर्व की धूम देखने को मिलती है। दिल्ली में भी जगह-जगह गणेशोत्सव का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। अलग-अलग जगहों पर बप्पा के विशाल पंडाल देखने को मिल रहे हैं।
यदि आप मुबंई के मशहूर लालबागचाराजा के जैसे ही गणपति बप्पा को आप मयूर बिहार में देख सकते हैं। आइए आपको पंडाल की लोकेशन, दर्शन का समय और इसकी खासियत के बारे में बताते हैं।
मयूर विहार राजा के दर्शन का समय
श्री गणेश जी के पट सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक खुले रहेंगे। फिर पट बंद हो जाते हैं, फिर शाम 4 बजे से लेकर रात 12 बजे तक पट खुले रहते हैं। अगर आप दर्शन के लिए जाना चाहती हैं, तो समय का विशेष ध्यान रखें-
दर्शन का समय- सुबह 7 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक
दर्शन बंद होने का समय- दोपहरा 12:30 से शाम 4:00 बजे तक
दर्शन का समय- शाम 4:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे
मयूर विहार के राजा की आरती का समय
इस पंडाल में महा आरती का विशेष आकर्षण है। इसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यदि आप भी भगवान गणेश की आरती में शामिल होना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए समय पर पहुंच जाएं।
आरती का समय- सुबह 7 बजे और शाम को 8:30 बजे
किस थीम पर सजाया है मयूर विहार राजा का पंडाल?
गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष पंडालों को अलग-अलग थीम पर सजाया जाता है। इस बार मयूर विहार के राज का पंडाल छत्रपति शिवाजी के थीम पर सजाया गया है। बता दें कि, यह पंडाल प्रताप नगर, मयूर विहार (अग्रवाल स्वीट्स कॉर्नर और प्राचीन शिव मंदिर के पास) में सजाया गया है।
मयूर विहार के गणेश पंडाल कैसे पहुंचें?
मेट्रो से जाएं- इसके लिए आपको मयूर विहार फेज-1 मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन है, जो ब्लू लाइन और पिंक लाइन दोनों से जुड़ा हुआ है। स्टेशन से यह पंडाल/मंदिर पैदल या ई-रिक्शा से कुछ ही मिनटों की दूरी पर पॉकेट-4 में स्थित है।
वहीं, नोएडा लिंक रोड या खिदिराम बोस मार्ग से आसानी से मयूर विहार फेज-1 पॉकेट-4 पहुंचा जा सकता है। यहां आने के लिए आप कैब ऑटो या अपने निजी वाहन का प्रयोग भी कर सकते हैं।
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