Asia Cup Trophy Row: एशिया कप फाइनल में मोहसिन नकवी से मुलाकात करने पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने चुप्पी तोड़ी है। सैकिया के अलावा बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी नकवी से मिले थे।
नकवी से मिलने पर सैकिया ने तोड़ी चुप्पी
नकवी कई बार भारत विरोधी बयान दे चुके हैं। बीसीसीआई ने भले ही नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया लेकिन फाइनल में सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला का उनसे मिलना चर्चा का विषय बन गया। सैकिया ने अब मुलाकात पर चुप्पी तोड़ी है। फाइनल के बाद जब खिलाड़ियों ने हाथ मिलाया तो टेलीविजन कैमरों ने सैकिया और शुक्ला को दुबई स्टेडियम के रॉयल बॉक्स में नकवी से मिलते हुए दिखाया। नकवी पहले बीसीसीआई उपाध्यक्ष शुक्ला से मिले और फिर सचिव सैकिया से बातचीत करते हुए नजर। यह विजुअल्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
‘हमारा मकसद था कि भारतीय टीम…’
न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में जब सैकिया से नकवी के साथ विजुअल्स के बारे में भी पूछा गया तो सचिव ने कहा,” ऐसा नहीं है कि हम किसी से नहीं मिलेंगे। मैं टॉस से लेकर मैच खत्म होने तक रॉयल बॉक्स की सीटों पर बाहर बैठा था। मैं पूरे मैच में उसी जगह पर रहा। मैच के दौरान जो भी आया, वहीं मुझसे मिला। कोई मेरे साथ बैठ गया। फिर शुक्ला जी आए और मेरे साथ बैठे। आपने जिस व्यक्ति का जिक्र किया, वह भी डिप्टी चेयरमैन खालिद अल जरूनी साहब के साथ आकर बैठ गया। यह तो एक सामान्य परंपरा है, जब भी कोई आता है तो हम सबसे मिलते हैं और बात करते हैं। हमने सिचुएशन का हल निकाले की कोशिश की लेकिन हमारी कोशिशें कामयाब नहीं हुईं। हमें कोई अफसोस नहीं है। हमारा मकसद यह नहीं था कि ट्रॉफी कौन देगा। हमारा मकसद था कि भारतीय टीम आसानी से जीते और हम उसमें कामयाब रहे।”
‘महिला टीम ने फैसले के साथ एकजुटता दिखाई’
सैकिया ने इसके अलावा कहा, ”हमारी पुरुष टीम ने डेढ़ साल पहले एशिया कप जीता था। और अप्रैल 2025 की पहलगाम घटना के बाद से पूरी सिचुएशन बदल गई। उसके बाद देशवासियों का दबाव था कि हमें अपने पड़ोसी देश के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहिए और उनके साथ क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए। लेकिन हमारी सरकार की पॉलिसी है कि हमें मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में हर देश के खिलाफ खेलना होगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हमारे लिए तय की गई हर शर्त मानेंगे। हमारा सैन्य टकराव अभी भी चल रहा है। एक मुख्य लीडर जो हमारे देश के हितों के खिलाफ काम कर रहा है, हम उससे ट्रॉफी नहीं ले सकते। महिला टीम ने पिछले साल पुरुष टीम के फैसले के साथ एकजुटता दिखाई है। इससे हमारी टीम की परफॉर्मेंस पर असर नहीं होता।”
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