पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान उन छह देशों में शामिल है जो अगले महीने यहां होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार की उस नीति का हवाला दिया जिसके तहत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में इन दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वी देशों को भारतीय धरती पर खेलने की अनुमति दी जाती है। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक जालंधर और मोहाली में खेली जाएगी।
इसमें भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया भाग लेंगे। अगर कोई टीम टूर्नामेंट से हटती है तो उसकी जगह ओमान या बांग्लादेश को दी जाएगी। इस टूर्नामेंट का आयोजन एशियाई हॉकी महासंघ के तत्वावधान में हर वर्ष किया जाता है लेकिन पिछले साल इसका आयोजन नहीं हुआ था।
भारत 2023 (चेन्नई) और 2024 (हुलुनबुइर, चीन) में खिताब जीतकर मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में प्रवेश करेगा। पाकिस्तान की भागीदारी और इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल जाने के बारे में पूछे जाने पर मान ने कहा, ‘‘बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कोई समस्या नहीं है। हो सकता है कि द्विपक्षीय श्रृंखलाएं (भारत और पाकिस्तान के बीच) न हो सकें।’’
केंद्र सरकार की खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा।
भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा।
इसके बावजूद पाकिस्तान ने पिछले साल तमिलनाडु में खेले गए जूनियर हॉकी विश्व कप से अपना नाम वापस ले लिया था। उसने इसका कारण ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ना बताया था। मान ने कहा कि एसीटी के लीग चरण के मैच जालंधर में, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली स्टेडियम में खेले जाएंगे।
इस अवसर पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के हॉकी संघों के बीच ‘अच्छे संबंध’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सबके सामने यह बात कहना चाहता हूं कि भारत और पाकिस्तान के हॉकी संघों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। आपने गौर किया होगा कि जब भी मैं जाता हूं और अगर भारतीय टीम पाकिस्तान को हरा देती है, तो मैं सबसे पहले पाकिस्तानी टीम से मिलता हूं।
वहां के लड़के (खिलाड़ी) भी बहुत सम्मान देते हैं।
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