यूएई में एक भारतीय ड्राइवर ने 37 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीता है. वह लगातार 15 साल से इसका टिकट खरीद रहा था. अब वो वापस अपने वतन भारत आना चाहता है. खलीज टाइम्स की मानें तो विबीश पल्लियाली ट्रांसपोर्ट कंपनी में पिकअप ड्राइवर के तौर पर काम करते हैं. 28 फरवरी को खरीदे अपने जैकपॉट ने उनकी किस्मत खोल दी है.
विबीश ने खलीज टाइम्स को बताया कि मैंने 7 फरवरी को भारत जाते समय Dh1000 के टिकटों का एक सेट पहली ही खरीद लिया था. 28 फरवरी को मेरे कजिन और उसके दो दोस्तों ने मुझे कॉल करके टिकट लेने के लिए कहा था. मैंने बताने की कोशिश की, मैंने इस महीने का बजट पहले ही खर्च कर दिया है, लेकिन वह मुझसे बार-बार कहते रहे. मैंने टिकट ले लिया, ताकि निराश न करूं.
लगभग दो दशक से यूएई में ड्राइवर का काम कर रहे पल्लियाली
पल्लियाली लगभग दो दशक से यूएई में ड्राइवर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्होंने रात करीब 8 बजे ऑनलाइन टिकट खरीदा था. वही विनिंग एंट्री निकली. उन्हें यह जिंदगी बदलने वाली खबर तब मिली, जब वे आखिरी डिलवरी के अबू धाबी से शारजाह घर वापस जा रहे थे.
उन्होंने कहा कि मैं रेगुलर कस्टमर हूं. इसलिए मुझे आमतौर पर कंपनी से कॉल आते हैं, लेकिन वे आमतौर पर महीने के बीच या आखिर में कॉल करके कहते हैं कि टिकटों पर ऑफर है. मुझे हैरानी हुई है कि वे मुझे महीने की शाम को क्यों कॉल करेंगे.
मुझे लगा कोई प्रैंक कॉल था: पल्लियाली
जब उन्हें बताया कि उन्होंने जैकपॉट जीत लिया है, तो पल्लियाली ने कहा कि वे हैरान रह गए. मैंने उनसे पूछा कि क्या यह कोई प्रैंक कॉल था. हालांकि मुझे पता था कि ऐसा नहीं है. बाद में मैंने अपनी पत्नी को कॉल किया. बताया कि मुझे कॉल आया है. उन्होंने तुरंत ऑनलाइन चेक किया और फिर मुझे बताया कि वेबसाइट पर विनर के तौर पर मेरा नाम है.
‘यह जीत सालों की मेहनत के बाद मिली है’
पल्लियाली ने बताया कि यह जीत सालों की मेहनत के बाद मिली है. मैं पिछले 15 सालों से हर महीने रेगुलर टिकट खरीद रहा हूं. जैसा कि आप सोच सकते हैं. एक ड्राइवर के तौर पर हर महीने Dh1000 अलग रखना एक मुश्किल काम था. कई बार मेरी पत्नी शिकायत करती थी कि पैसे दूसरी चीजों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं. कुछ महीनों तक मैंने उसे यह भी नहीं बताया कि मैंने टिकट खरीदा है. उन्होंने कभी भी ड्रॉ को लाइव नहीं देखा या तुरंत रिजल्ट चेक नहीं किया. टिकट खरीदना मेरे लिए बस जिंदगी का एक तरीका था. मैंने कभी सोचा भी नहीं था, कि मैं इसे जीतूंगा या इन पैसों से कुछ करूंगा. मेरी बस यही ख्वाहिश थी कि एक दिन में कुछ जीतूं, भले ही वह Dh100000 का इनाम ही क्यों न हो?
4 लोगों में बांटा जाएगा यह इनाम
जीत के बाद के प्लान Dh15 मिलियन का इनाम 4 लोगों में बांटा जाएगा. इससे पल्लियाली के पास Dh4 मिलियन से थोड़ा कम बचेगा. यूएई में लगभग 20 साल गाड़ी चलाने के बाद अब भारत लौटने और बसने का प्लान बना रहे हैं. मैं 20 साल से पूरे यूएई में गाड़ी चला रहा हूं. मैं भारत वापस जाकर बसना चाहता हूं. यह पैसा निश्चित रूप से इसमें मदद करेगा.
उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी का भविष्य भी सुरक्षित करने का प्लान बना रहे हैं, जो अभी शारजाह इंडियन स्कूल से पढ़ाई पूरी करने के बाद बेंगलुरु में बीबीए की पढ़ाई कर रही है. पल्लियाली ने कहा कि जीत की सच्चाई अभी भी उनके दिमाग में बैठ रही है. शायद कुछ दिनों बाद यह तय हो कि आगे क्या करना है?
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