झारखंड में JPSC-JSSC में धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है। छात्र आज सुबह 9 बजे रांची के मोरहाबादी मैदान से विधानसभा घेराव के लिए निकलेंगे। देर रात से ही करीब 5000 से ज्यादा की संख्या में छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पहुंच गए हैं। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ी तैयारी की है। जगह-जगह कंटीले तार लगाए गए हैं। पुलिस ने BNS की धारा 163 लागू कर दी है। तीन लेयर की सुरक्षा तैनात की गई है। छात्रों के प्रदर्शन स्थल से लेकर जगह-जगह पर CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। रविवार को छात्रों और सरकार के बीच तीसरे दौर की बैठक हुई। सरकार ने दावा किया कि छात्रों की करीब 98% मांगें मान ली गई हैं। सरकार ने JPSC-PT परीक्षा रद्द करने पर सहमति जता दी है। वहीं, JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच कराने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बताया कि CGL परीक्षा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित की गई थी। कई अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी हो चुकी है, इसलिए परीक्षा को एकतरफा रद्द करना संभव नहीं है। हालांकि, मामले की जांच रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कराई जाएगी। छात्रों के आंदोलन से जुड़ी फोटोज सोमवार को शांतिपूर्ण विधानसभा घेराव का ऐलान सरकार से बातचीत के बाद भी छात्रों में असंतोष बना हुआ है। मंत्रियों की समिति ने छात्र प्रतिनिधिमंडल को अपने संगठनों से चर्चा कर अंतिम जवाब देने के लिए समय दिया है, लेकिन छात्रों ने साफ कर दिया है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता कुणाल ने कहा- मैं स्पष्ट कर दूं कि हमारा विधानसभा घेराव का जो कार्यक्रम है, वो शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। हमारी मांग CBI जांच की है, हम इस पर कोई समझौता नहीं करेंगे। वहीं झारखंड में CID के ADG मनोज कौशिक ने कहा, “छात्रों के प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हमारी प्राथमिकता सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी छात्र को नुकसान या गलत कार्रवाई से बचाना है। हम उनसे अपील करते हैं कि अगर वे विरोध करना चाहते हैं, तो पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से करें। 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और काफी डिजिटल सबूत इकट्ठा किए गए हैं। मैं सभी को भरोसा दिलाता हूं कि पूरी तरह निष्पक्ष जांच होगी।” विधायक बोले- सरकार जानती है, दोषी कौन हैं JLKM विधायक जयराम महतो छात्रों के समर्थन में आज रविवार को एक दिन का उपवास कर रहे हैं। विधायक जयराम महतो ने कहा, ‘विधानसभा सदस्य होने के नाते मुझे लगता है कि मेरी भागीदारी और ये भूख हड़ताल कम से कम 1% अतिरिक्त दबाव तो बना ही सकती है। इस मामले की CBI जांच होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि सरकार को अच्छी तरह पता है कि दोषी कौन हैं। ये कोई छोटा-मोटा मामला नहीं है। लाखों रुपए में सीटें बेची जा रही हैं। ये असंभव है कि कोई मामूली अधिकारी या सामान्य व्यक्ति अकेले इतनी बड़ी रकम पचा सके। इसमें शक्तिशाली लोग शामिल हैं और इस बात का डर बना हुआ है कि पर्दे के पीछे से वे बेनकाब न हो जाएं। आयोग के 3 सदस्यों ने इस्तीफा दिया इसी बीच JPSC में बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी सामने आया है। आयोग के तीन सदस्यों-अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेज दिया, जिसे राज्यपाल ने मंजूर कर लिया है। इससे पहले 22 जुलाई को JPSC के चेयरपर्सन एल. खियांग्ते भी इस्तीफा दे चुके थे। फिलहाल, JPSC की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की CID जांच कर रही है। इसी सिलसिले में आयोग के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है। अब 10 अगस्त को डॉ. अजीता भट्टाचार्य से पूछताछ होनी है।
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