मुंबई दिल्ली जैसे बड़े शहरों में अक्सर आपने लोगों को सड़क किनारे दौड़ते, वॉक करते या जॉगिंग करते हुए देखा होगा। हाल ही में मुंबई में सड़क किनारे दौड़ते हुए एक सीईओ की मौत की खबर सामने आई है। इससे पहले भी सड़क किनारे चलने और दौड़ने वालों के एक्सीडेंट और मौत की खबरें आती रहती हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के आंकड़ों के अनुसार, अकेले 2024 में पैदल यात्रियों की 36,500 से अधिक मौतें हुईं जो भारत में सभी सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का 20% से अधिक है। इनमें से 54% से ज्यादा मौतें दोपहिया वाहनों और कारों से एक्सीडेंट के कारण हुईं। पैदल चलने वालों के लिए अलग फुटपाथ न होने के कारण, दौड़ने वालों के सामने अचानक वाहन आने, तेज स्पीड और अंधेर में साफ दिखाई न देने की वजह से ये आंकड़े बढ़ रहे हैं। इसके अलावा रोड साइड दौड़ने वालों के कुत्ते के काटने की घटनाएं भी काफी ज्यादा हैं। वहीं सुबह के समय प्रदूषण अधिक होने से भी जोखिम बढ़ता है। जिससे सांस की नली में सूजन और हार्ट की बीमारियां बढ़ने का खतरा रहता है।
ऐसे में अगर आपके पास वॉक करने के लिए खास ट्रैक या पार्क नहीं है। आपको सड़क पर ही वॉक करने जाना है तो कुछ बातों का ध्यान रखें। डॉक्टर सुधीर कुमार (न्यूरोलॉजिस्ट, अपोलो हॉस्पिटल्स, हैदराबाद) ने अपने एक्स अकाउंट पर रोड साइड वॉक करने और दौड़ने वालों के लिए खास टिप्स शेयर किए हैं। इन बातों का ख्याल रखेंगे तो हादसे से बच पाएंगे।
सड़क पर वॉक करते या दौड़ते वक्त ध्यान रखने वाली बातें
यातायात के विपरीत और उजाले में वॉक करें- सड़क पर वॉक करते हुए आप इस बात का ख्याल रखें कि हमेशा आने वाले यातायात की ओर मुंह करके दौड़ें, जिससे आप आने वाले वाहनों को देख सकें और किसी भी हादसे से बच सकें। कोशिश करें कि दिन निकलने और उजाला होने पर ही सड़क किनारे टहलने जाएं। सुबह जल्दी या शाम के समय हल्के हेडलाइट या क्लिप-ऑन लाइट का उपयोग करें।
नॉइज़-कैंसलिंग हेडफ़ोन का इस्तेमाल न करें- वॉक करते हुए हेडफोन का इस्तेमाल करने से बचें। आसपास की स्थिति के प्रति सजग रहना आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इन-ईयर/नॉइज़-कैंसलिंग हेडफोन पहनने से बचें। बोन-कंडक्शन हेडफोन का इस्तेमाल करें या हॉर्न बजाते वाहनों या पास आते जानवरों की आवाज सुनने के लिए एक कान पूरी तरह खुला रखें।
कुत्तों से ऐसे करें सामना- अगर आक्रामक आवारा कुत्ते आपके पास आएं, तो भागें नहीं या तेज आवाज़ न करें। अपनी चाल धीमी करें, धीरे-धीरे चलें, सीधे आंखों से संपर्क न करें और तब तक डटे रहें जब तक कि वे आपा न खो दें। अगर आप ऐसे इलाकों में दौड़ रहे हैं जहां आक्रामक कुत्तों के झुंड मौजूद हैं, तो एक छोटा हैंडहेल्ड अल्ट्रासोनिक रिपेलर या लाइट स्टिक साथ रखें।
समय और रास्ते पर ध्यान दें- बाहर निकलने से पहले आसपास के AQI को किसी ऐप पर चेक करें। अगर PM2.5 का स्तर बहुत ज़्यादा है, तो घर के अंदर व्यायाम करें या ट्रेडमिल पर दौड़ें। संभव हो तो मुख्य सड़कों के बजाय पार्क, गेटेड ट्रैफिक वाले आवासीय इलाकों और वॉक के लिए बने ट्रैक का इस्तेमाल करें।
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