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गर्मियों में तेज धूप और पसीने की वजह से प्यास ज्यादा लगती है। साथ ही नहाने, खाना पकाने और साफ-सफाई जैसे रोजमर्रा के कामों में भी पानी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में सही तरीके से पर्याप्त मात्रा में पानी स्टोर करना जरूरी हो जाता है।
थोड़ी सी लापरवाही से नहाने, खाना पकाने और साफ-सफाई जैसे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि थोड़ी-सी प्लानिंग और कुछ आसान आदतों से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम पानी को सही तरीके से स्टोर करने के आसान टिप्स समझेंगे। साथ ही जानेंगे-
- गर्मियों में पानी की किल्लत क्यों हाेती है?
- गर्मियों में घर में कितने पानी का स्टोरेज होना चाहिए?
एक्सपर्ट: रामबाबू तिवारी, जल संरक्षण विशेषज्ञ, 75+ तालाबों को पुनर्जीवित करने वाले एक्टिविस्ट
सवाल- गर्मियों में पानी की किल्लत क्यों हाेती है?
जवाब– इसके कई कारण हैं-
- डेली खाने-पीने, नहाने, कूलर में डालने और खेती के कामों में पानी की खपत बढ़ जाती है।
- शहरों में एक साथ ज्यादा पानी इस्तेमाल होने से सप्लाई सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है।
- जरूरत से ज्यादा बोरवेल और ट्यूबवेल चलाने से ग्राउंड वाटर सोर्स नीचे चला जाता है।
- बारिश कम होने और लगातार पानी की खपत से ग्राउंड वाटर सोर्स सीमित हो जाते हैं।
- कई घरों में पर्याप्त पानी स्टोर करने की व्यवस्था नहीं होती तो समस्या होती है।

सवाल- गर्मियों में पानी स्टोर करना क्यों जरूरी है?
जवाब- गर्मियों में पानी की जरूरत बढ़ती है, लेकिन सप्लाई कम होती है। इसलिए पानी स्टोर करने से मदद मिलती है, जैसे-
- गर्मी में प्यास ज्यादा लगती है। इसलिए घर में एक्स्ट्रा पीने का पानी रखना चाहिए।
- नहाने, खाना बनाने और साफ-सफाई जैसे जरूरी काम के लिए भी पानी स्टोर करना जरूरी है।
- पाइपलाइन खराब होने, बिजली सप्लाई बाधित होने या अन्य इमरजेंसी में स्टोर किया पानी बैकअप का काम करता है।
- बार-बार पानी भरने की परेशानी से बचने और सभी जरूरतें बिना तनाव के पूरी करने के लिए पानी स्टोर करके रखना जरूरी है।
सवाल- गर्मियों में घर में कितने पानी का स्टोरेज होना चाहिए?
जवाब- जल संरक्षण विशेषज्ञ रामबाबू तिवारी बताते हैं कि गर्मियों में पानी का स्टोरेज परिवार के सदस्यों की संख्या और जरूरत पर निर्भर करता है।
- एक व्यक्ति को पीने से लेकर बेसिक इस्तेमाल तक औसतन 100-135 लीटर पानी की जरूरत होती है।
- ड्रिंकिंग वॉटर औसतन 5-7 लीटर प्रति व्यक्ति के हिसाब से स्टोर करना चाहिए।
- अचानक सप्लाई बंद होने की स्थिति को देखते हुए हर घर में 2-3 दिन का पानी स्टोर होना चाहिए।
- अगर घर में 4 लोग हैं तो रोज लगभग 500-600 लीटर पानी लग सकता है। ऐसे में कम-से-कम 1000-1500 लीटर स्टोरेज रखना सुरक्षित माना जाता है।
- अगर कूलर, गार्डनिंग या ज्यादा पानी वाले काम हैं तो स्टोरेज क्षमता और बढ़ानी चाहिए।
सवाल- पानी स्टोर करने के सही तरीके क्या हैं?
जवाब- पानी स्टोर करते समय साफ-सफाई का खास ख्याल रखना जरूरी है, ताकि पानी दूषित न हो। पानी हमेशा साफ, ढके हुए और फूड-ग्रेड बर्तनों में स्टोर करना चाहिए। स्टोरेज कंटेनर को नियमित रूप से धोना और सुखाना जरूरी है, ताकि उसमें बैक्टीरिया या काई न जमे। वाटर स्टोरेज का सही तरीका ग्राफिक में देखिए-

सवाल- पानी कितने समय तक स्टोर किया जा सकता है?
जवाब- साफ और ढके हुए कंटेनर में रखा पानी आमतौर पर 1-2 दिन तक सुरक्षित रहता है। ध्यान रखने वाली बातें-
- पीने का पानी साफ और ढके हुए बर्तन में सीमित समय तक ही स्टोर करना चाहिए।
- आमतौर पर फिल्टर या उबला हुआ पानी 24 से 48 घंटे तक सुरक्षित माना जाता है।
- इसके बाद उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं।
- अगर पानी का स्वाद, स्मेल या रंग बदलने लगे, तो उसे इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- पानी स्टोर करने वाले बर्तन की नियमित सफाई जरूरी है।
सवाल- पानी दूषित होने से कैसे बचाएं?
जवाब- दूषित पानी पीने से डायरिया, उल्टी या इन्फेक्शन जैसी समस्याओं का रिस्क बढ़ता है। इसलिए पानी को हमेशा साफ बर्तनों में स्टोर करें और लंबे समय से रखा पानी इस्तेमाल करने से बचें। साथ ही ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

सवाल- डेली लाइफ में पानी की बचत कैसे करें?
जवाब- रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके काफी मात्रा में पानी बचाया जा सकता है। बेवजह नल खुला न छोड़ें, लीकेज तुरंत ठीक कराएं और जरूरत के अनुसार ही पानी इस्तेमाल करें। इसके अलावा ग्राफिक में दी गई कुछ बाताें का ध्यान रखें-

सवाल- क्या प्लास्टिक कंटेनर में लंबे समय तक पानी स्टोर करना सही है?
जवाब- नहीं, केवल फूड-ग्रेड प्लास्टिक ही सुरक्षित होता है।
- धूप में रखने से केमिकल रिलीज हो सकते हैं।
- बार-बार इस्तेमाल से बोतल खराब हो सकती है।
- लंबे समय के लिए स्टील या कांच बेहतर विकल्प है।
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