परीक्षा में अब ज्यादा समय नहीं बचा है। अगर आप चाहते हैं कि पहली बार में ही एसएससी सीजीएल टियर 1 की परीक्षा क्रैक करना चाहते हैं, तो आपको एक शानदार एस्ट्रैटजी के साथ तैयारी करनी पड़ेगी।
टियर 1 का पेपर सॉल्व कैसे करें
इस बार सीजीएल के पेपर में कुछ बदलाव भी हुए हैं। इस बार सीजीएल टियर। और टियर ।। दोनों में सेक्शन वाइज लिमिट तय की गई है। अब आपको हर सेक्शन के सवालों को एक निश्चित अवधि में ही सॉल्व करना होगा, जो सब के लिए लागू होता है। टाइमर समाप्त होने के बाद सेक्शन में विकल्प चुनने का ऑप्शन बंद हो जाएगा। यानी अगर पेपर के दौरान आप किसी सवाल सवाल पर अटक जाते हैं, तो उसी टाइम आपको यह तय करना होगा कि इसका जवाब देना या नहीं। अब तक कैंडिडेट के पास सवालों पर फिर से वापस आकर उनके जवाब देने का विकल्प था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
CGL Tier-1 परीक्षा पैटर्न को समझे
सबसे पहले किसी भी परीक्षा को क्रैक करने के लिए उसका सही पैटर्न और सिलेबस के बारे में जानना जरूरी है। टियर 1 में मैथ, इंग्लिश, रीजनिंग और जीके आता है। हर सेक्शन में 25-25 सवाल होंगे। हर सवाल 2-2 नंबर का है। यानी हर सेक्शन का सवाल 50-50 नंबर का आता है। टोटल 100 सवाल और 200 नंबर का पेपर होगा। नेगेटिव मार्किंग .50 नंबर का होगा। पूरा पेपर एक घंटे का है। अब आपको हर सेक्शन में 15-15 मिनट मिलेंगे। टाइम लिमिट फिक्स होने से इंग्लिश और जनरल अवेयरनेस वाले सेक्शन को सॉल्व करने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी। असल परेशानी मैथ और रीजनिंग में हैं। ये दोनों ही सेक्शन टाइम लेने वाले हैं। जिनमें सवालों को सॉल्व करने में समय लगता है। ऐसे में अब आपको इन दोनों विषयों में ही अपनी स्पीड बढ़ानी होगी।
स्किप करें सवाल
टाइम लिमिट फिक्स होने से अगर आपको लगता है कि इस सवाल में टाइम ज्यादा लग सकता है, तो आप उस सवाल को स्किप कर दो। बाकी के सवाल जो आपको आ रहे हैं, उन्हें फटाफट करते चलो। प्राब्लम्स वाले सवाल को बाद में कर लेना। ऐसे में अगर अपना टाइम कठिन सवालों में बर्बाद कर दिया ना, तो प्रेशर इतना क्रिएट हो जाएगा कि आप दूसरे सिंपल सवालों को करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ जाएगा। इस तरह से अबनए पैटर्न को ध्यान में रखकर ही अपनी तैयारी करें।
रिवीजन को दें सबसे ज्यादा प्राथमिकता
परीक्षा के आखिरी दिनों में कई उम्मीदवार घबराहट में नए-नए टॉपिक पढ़ना शुरू कर देते हैं, जिससे पहले से तैयार किया गया सिलेबस भी कमजोर पड़ सकता है। ऐसे समय में नई चीजें सीखने के बजाय रिवीजन पर पूरा फोकस करना अधिक फायदेमंद होता है। उन विषयों और टॉपिक्स को प्राथमिकता दें, जिनसे हर साल परीक्षा में ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं। साथ ही अपने बनाए हुए शॉर्ट नोट्स, महत्वपूर्ण फॉर्मूले और जरूरी फैक्ट्स का नियमित रूप से दोहराव करें। इससे परीक्षा के दौरान उत्तर जल्दी याद आएंगे और आत्मविश्वास भी बना रहेगा।
मॉक टेस्ट दें और गलतियों से सीखें
SSC CGL जैसी परीक्षा में सिर्फ पढ़ाई करना ही काफी नहीं होता। यह भी जरूरी है कि आपकी तैयारी कितनी मजबूत है। इसके लिए रोजाना एक मॉक टेस्ट देना अच्छी आदत है। हालांकि, सिर्फ टेस्ट देना ही काफी नहीं है। टेस्ट पूरा होने के बाद अपनी गलतियों को समझें और उन्हें सुधारने पर काम करें।
मॉक टेस्ट देते समय इन बातों का ध्यान रखें—
परीक्षा जैसा माहौल बनाकर टेस्ट दें।
केवल स्कोर न देखें, गलत जवाबों की भी जांच करें।
जिन टॉपिक्स में बार-बार गलती हो, उन्हें दोबारा पढ़ें।
हर टेस्ट में कितना समय लगा, इसका रिकॉर्ड रखें और अगली बार उसे बेहतर बनाने की कोशिश करें।
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