SIAM ने E20 फ्यूल में ज्यादा मात्रा में क्लोराइड और नमी मिलने का दावा किया है। इंडस्ट्री बॉडी के मुताबिक खराब होती फ्यूल क्वॉलिटी के कारण गाड़ियों के कई जरूरी पार्ट्स में खराबी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
गाड़ियों के इन पार्ट्स में बढ़ी खराबी
SIAM ने पेट्रोलियम और नैचुरल गैस मिनिस्ट्री को भेजे एक पत्र में बताया कि उसके मेंबर वीइकल मैन्युफैचरर्स ने फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल पंप, EGR वॉल्व, एग्जॉस्ट कंपोनेंट्स और फ्यूल या इंजन एनर्जी के सीधे कॉन्टैक्ट में आने वाले दूसरे पार्ट्स को बदलने के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखी है। इंडस्ट्री बॉडी के मुताबिक फील्ड चेक में इन खराबियों की वजह फ्यूल में ज्यादा क्लोराइड की मौजूदगी से होने वाली रस्ट को बताया गया है। SIAM के अनुसार, वाहनों के फ्यूल टैंक से लिए गए कुछ सैंपल में क्लोराइड का लेवल 500 mg/kg तक पाया गया। जबकि पेट्रोल पंपों से लिए गए सैंपल में यह मात्रा 350 mg/kg तक रही।
इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम को नुकसान का खतरा
SIAM ने चेतावनी दी है कि फ्यूल में मौजूद ज्यादा क्लोराइड इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम के कंपोनेंट्स के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। इससे जंग लग सकती है और फ्यूल में क्लोराइड की मात्रा के आधार पर गाड़ी के पार्ट्स को तुरंत या लंबे समय में नुकसान पहुंच सकता है। SIAM ने यह भी चिंता जताई है कि अगर इस तरह के मामले लगातार सामने आते रहे, तो इससे E20 जैसे एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल्स पर से ग्राहकों का भरोसा उठ जाएगा।
इसी वजह से SIAM ने Bureau of Indian Standards (BIS) के फ्यूल स्पेसिफिकेशन में क्लोराइड की अनिवार्य सीमा तय करने की मांग की है। SIAM ने कमर्शियल E20 और E85 फ्यूल में कुल क्लोराइड की मात्रा 1 mg/kg से कम रखने का सुझाव दिया है। वहीं, ब्लेंडिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले anhydrous ethanol में इसकी सीमा 3 mg/kg से कम रखने का प्रस्ताव दिया गया है।
E20 पेट्रोल में ज्यादा नमी भी चिंता का कारण
SIAM ने सिर्फ क्लोराइड ही नहीं, बल्कि E20 पेट्रोल में ज्यादा नमी को लेकर भी चिंता जताई है। सोसायटी के मुताबिक कुछ रिटेल आउटलेट्स से लिए गए फ्यूल सैंपल में नमी का स्तर 10,000 mg/kg से ज्यादा पाया गया, जबकि ऐक्सेप्टेबल लिमिट 3,000 mg/kg है। इंडस्ट्री बॉडी के अनुसार, ज्यादा नमी एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल में फेज सेपरेशन की समस्या पैदा कर सकती है। ऐसा होने पर फ्यूल के कंपोनेंट अलग हो सकते हैं और रिफ्यूलिंग के तुरंत बाद गाड़ी बंद भी हो सकती है।
सरकार ने OMCs को दिए फ्यूल क्वॉलिटी चेक बढ़ाने के निर्देश
इस मामले में सरकार ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। Oil Marketing Companies (OMCs) और कार मेकर्स के साथ हुई कई बैठकों के बाद केंद्र ने OMCs को पेट्रोल पंपों पर फ्यूल क्वालिटी की ऑन-ग्राउंड मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। SIAM ने OMCs से क्लोराइड कंटैमिनेशन की असली वजह पता लगाने और पूरे रिटेल नेटवर्क में फ्यूल क्वॉलिटी चेक मजबूत करने की मांग की है।
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