अय्यर ने कहा कि वह वही व्यक्ति बने रहना चाहते हैं, जिसने मुंबई के बेहद प्रतिस्पर्धी क्रिकेट माहौल में खेलते हुए अपनी पहचान बनाई। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा, “मुझे अपना व्यक्तित्व बदलने की जरूरत नहीं है। मुझे वही इंसान बने रहना है जो मैं पहले था। मैं किसी और जैसा बनने या किसी की सरपरस्ती में रहने की कोशिश नहीं करूंगा।” उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे क्रिकेट-प्रेमी शहर में बड़े होने के कारण चुनौतियां उनके जीवन का हिस्सा रही हैं।
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अय्यर ने कहा, “मुझे हमेशा चुनौतियां पसंद रही हैं। मुंबई में क्रिकेट का स्तर बहुत ऊंचा है और प्रतिस्पर्धा भी बेहद कड़ी होती है। वहां हर दूसरा बच्चा मुंबई का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखता है।” अय्यर ने कहा कि उनकी सोच हमेशा जीत हासिल करने की रही है। उन्होंने कहा, “मेरा नजरिया हमेशा अपने सामने मौजूद हर चुनौती को जीतने का रहा है। सीखना और जीतना अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन खेल का आनंद लेना और प्रतिस्पर्धी भावना विकसित करना आपको एक अलग स्तर पर पहुंचा देता है।” उन्होंने कहा, “जब आपको ऐसी जिम्मेदारी मिलती है तो आप उसे स्वीकार करना चाहते हैं। फिलहाल कप्तान के रूप में मिली यह भूमिका मेरे लिए बड़ी चुनौती है।”
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इस बीच, भारत के पूर्व कप्तान और पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा कि अय्यर ने राष्ट्रीय टीम की कप्तानी का अवसर अपने प्रदर्शन के दम पर अर्जित किया है। आयरलैंड दौरे पर दो टी20 मैचों की श्रृंखला में अय्यर पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे। उन्होंने दिसंबर 2023 में अपना पिछला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, जिसके बाद वह टीम से बाहर हो गए थे। गांगुली ने कहा, “श्रेयस ने अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्होंने यह जिम्मेदारी अपने प्रदर्शन के दम पर हासिल की है। मैं यह नहीं कहूंगा कि सूर्यकुमार यादव को हटाना अनुचित है। चयनकर्ताओं ने अपना फैसला लिया है।
डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।
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