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मुंबई सिटी सिविल कोर्ट ने गुरुवार को एक्ट्रेस और फिल्ममेकर सयानी गुप्ता के खिलाफ मानहानिकारक कंटेंट प्रकाशित या प्रसारित करने पर अंतरिम रोक लगा दी। यह मामला उनकी शॉर्ट फिल्म ‘आसमानी’ से जुड़ा है, जिस पर फिल्ममेकर विनीता नेगी ने चोरी के आरोप लगाए थे।
लीगल वेबसाइट बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, एडिशनल सेशंस जज शुद्धिकुमार मुरलीधरराव बुके ने सयानी गुप्ता की ओर से दायर अंतरिम राहत की अर्जी मंजूर की। सयानी गुप्ता ने फिल्ममेकर विनीता नेगी के खिलाफ 9 करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। नेगी ने आरोप लगाया था कि सयानी गुप्ता की फिल्म में उनकी अधूरी डॉक्यूमेंट्री ‘प्रभा’ के कुछ अहम हिस्सों की नकल की गई है।

फिल्म आसमानी से सयानी गुप्ता, डायरेक्टोरियल डेब्यू कर रही हैं।
कोर्ट ने नेगी और अन्य प्रतिवादियों को सयानी गुप्ता के खिलाफ मानहानिकारक कंटेंट प्रकाशित करने, प्रसारित करने या उसे आगे भी प्रकाशित करते रहने से रोक दिया है। इस अंतरिम राहत में मेटा, रेडिट और डेकन क्रॉनिकल जैसे प्लेटफॉर्म पर मौजूद कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने का निर्देश भी शामिल है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके आदेश का मतलब सच्चे तथ्यों पर आधारित जानकारी के प्रकाशन पर पूरी तरह रोक लगाना नहीं है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
सयानी गुप्ता की डायरेक्टोरियल डेब्यू शॉर्ट फिल्म ‘आसमानी’ को लेकर विनीता नेगी ने कहानी चोरी, कॉपीराइट और धोखाधड़ी के आरोप लगाए। FTII की पूर्व छात्रा और फिल्ममेकर विनीता नेगी का दावा था कि वह डॉक्यूमेंट्री प्रभा बना रही हैं, लेकिन सयानी गुप्ता ने डायरेक्टोरियल डेब्यू शॉर्ट फिल्म आसमानी में उस डॉक्यूमेंट्री के सीन चोरी कर इस्तेमाल किए हैं।
सयानी गुप्ता ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने आरोपों को झूठा, भ्रामक और बिना ठोस आधार वाला बताया।
सयानी ने स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन में भी इसकी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई होने से पहले ही विनीता ने सोशल मीडिया पर चोरी के आरोप लगाते हुए सयानी के खिलाफ बयान देना शुरू कर दिया।
सयानी ने विनीता के खिलाफ 9 करोड़ की मानहानि की याचिका दायर की थी। सयानी ने गुप्ता के मुताबिक, मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया के जरिए विनीता ने इन आरोपों को और व्यापक स्तर पर प्रसारित किया गया, जिससे उनकी पेशेवर छवि और काम को नुकसान पहुंचा।
फिल्म फेस्टिवल को मेल भेजा, फिल्म को हुआ नुकसान
सयानी ने अपनी याचिका में दावा किया कि उनकी फिल्म ‘आसमानी’ को इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ न्यूजीलैंड में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया था, लेकिन बाद में इसे फेस्टिवल से हटा लिया गया।

दीया मिर्जा फिल्म आसमानी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं।
गुप्ता ने कोर्ट से 9 करोड़ रुपये के हर्जाने, कथित मानहानिकारक सामग्री को हटाने और विनीता नेगी की ओर से सार्वजनिक तौर पर बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कथित मानहानिकारक सामग्री वाली प्रतियों या डिवाइस को अपने कब्जे में लेने के लिए कोर्ट रिसीवर नियुक्त करने की मांग भी की थी।
जल्द होगी केस की अगली सुनवाई
सयानी को अंतरिम राहत देने के बाद अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को होगी। सयानी गुप्ता की ओर से एडवोकेट मोनिल पंजाबी, एडवोकेट प्रियंका सिन्हा और एडवोकेट भाव्या शाह व मुजतबा अंबेकर पेश हुए। वहीं विनीता नेगी की ओर से एडवोकेट सायली शिंदे और लक्ष्मी जेनकिंस ने पैरवी की।

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