यहां बनने वाली 12 तरह की नॉनवेज हांडियों के चर्चे दूर-दूर तक सुनने को मिलते हैं. दुकान के बाहर लगी टेबल और कुर्सियों पर बैठकर लोग यहां के खास व्यंजनों का स्वाद लेते हैं. इस दुकान में कुल 12 प्रकार की डिश बनाई जाती हैं, जिनमें अलग-अलग तरह के मांसाहारी व्यंजन शामिल होते हैं.
12 हांडी और नल्ली निहारी है सबसे खास
यहां का सबसे प्रसिद्ध व्यंजन 12 हांडी है, जिसके चर्चे मुंबई ही नहीं बल्कि मुंबई के बाहर तक होते हैं. इस खास डिश में 12 प्रकार के अलग-अलग व्यंजनों को मिलाकर एक अनोखा स्वाद तैयार किया जाता है. इसके अलावा यहां की दूसरी सबसे लोकप्रिय डिश नल्ली निहारी है. कहा जाता है कि ऐसी नल्ली निहारी का स्वाद दूर-दूर तक कहीं और नहीं मिलता. यहां एक हांडी में निहारी बनती है, जबकि अन्य हांडियों में पाया, पिचोटा, सूखा मटन और नल्ली जैसे व्यंजन तैयार किए जाते हैं.
यहां आने वाले ज्यादातर लोग खास तौर पर नल्ली निहारी खाने के लिए पहुंचते हैं. ग्राहक चाहे कोई भी डिश मंगवाएं, उसमें हड्डी से निकला बोन मैरो डलवाना नहीं भूलते. इन सभी व्यंजनों को यहां की खास क्रिस्पी और अंदर से मुलायम खमीरी रोटी के साथ खाया जाता है. एक खमीरी रोटी का आकार लगभग चार सामान्य रोटियों के बराबर होता है.
रमजान में बढ़ जाती है भीड़
रमजान के समय इस दुकान के बाहर काफी भीड़ देखने को मिलती है. लोगों को यहां खाना खाने के लिए कुछ समय तक इंतजार भी करना पड़ता है. इसी भीड़ के बीच कई मशहूर हस्तियां भी यहां का स्वाद लेने पहुंचती हैं. बॉलीवुड अभिनेता अली फजल, जिन्हें गुड्डू भैया के नाम से भी जाना जाता है, वे भी रमजान के दौरान इस दुकान पर नल्ली निहारी और अन्य व्यंजनों का आनंद लेने पहुंच चुके हैं. इस दुकान की लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े सेलिब्रिटी तक यहां खिंचे चले आते हैं.
दुकान के नाम के पीछे की कहानी
सुरति 12 हांडी नाम के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी जुड़ी हुई है. यह दुकान वर्ष 1940 में शुरू हुई थी. इसे शुरू करने वाला व्यक्ति गुजरात के सूरत शहर का रहने वाला था. सूरत से जुड़े लोगों या वहां की चीजों को सुरति कहा जाता है. इसके अलावा इस दुकान में 12 अलग-अलग हांडियों में अलग प्रकार का मांस पकाया जाता है. इसी वजह से इस दुकान का नाम सुरति 12 हांडी रख दिया गया.
खाने का बजट और लोकप्रिय डिश
यहां मिलने वाले व्यंजनों की कीमत भी ग्राहकों के बजट के अनुसार रखी गई है. यहां निहारी लगभग 250 रुपये में और नल्ली निहारी करीब 300 रुपये में मिलती है. एक प्लेट मटन सूखा की कीमत लगभग 500 रुपये है, जबकि पाया नल्ली करीब 300 रुपये में उपलब्ध है.
ज्यादातर लोग यहां खमीरी रोटी के साथ नल्ली निहारी का स्वाद लेने आते हैं. यहां बनने वाली नल्ली निहारी इतनी मशहूर है कि कई लोग अलग से नल्ली मंगवाकर खाते हैं. करीब 700 से 800 रुपये के बजट में दो लोग यहां आराम से भरपेट खाना खा सकते हैं.
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