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Chhapra Dadi Amma Achar Brand: छपरा जिले के मढ़ौरा प्रखंड के बहुआरा गांव के रहने वाले दीपक सिंह ने शहरों में नौकरी करने के बजाय गांव में ही अपना छोटा उद्योग शुरू कर मिसाल पेश की है. दादी के हाथ के स्वाद से प्रेरित होकर उन्होंने ‘दादी अम्मा’ नाम से अचार का ब्रांड शुरू किया, जो आज जिले में काफी लोकप्रिय हो रहा है. दीपक फिलहाल मशरूम, आम, कटहल, टमाटर समेत 14 तरह के अचार तैयार कर रहे हैं और हर महीने अच्छी बिक्री कर रहे हैं. खास बात यह है कि उनके अचार में घरेलू मसालों का इस्तेमाल होता है, जिससे इसका स्वाद लोगों को खूब पसंद आ रहा है और गांव में ही रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं. रिपोर्ट- विशाल कुमार
छपरा के लोग अब दिल्ली-पंजाब सहित अन्य शहरों में जाकर फैक्ट्रियों में काम करना नहीं चाह रहे हैं. कोरोना के समय से बहुत लोग बिहार लौटकर आए तो फिर वापस बहुत कम ही लोग दूसरे शहरों में कमाने के लिए गए.

अब लोग यहीं अपना उद्योग करके अच्छी कमाई कर रहे हैं. छपरा जिले के मढ़ौरा प्रखंड के बहुआरा गांव निवासी दीपक सिंह पहले दूसरे शहर में रहकर फार्मा का कार्य करते थे, लेकिन अब गांव में ही अपना उद्योग करके अच्छी कमाई कर रहे हैं.

दीपक सिंह अपने दादी के कहने पर दादी अम्मा के नाम से अचार तैयार करते हैं. इसके साथ ही इस ब्रांड का नाम ‘दादी अम्मा’ भी रखा है. स्वादिष्ट होने की वजह से जिले के कई हिस्सों में इसकी बड़े पैमाने पर मांग है.
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दीपक द्वारा फिलहाल 14 प्रकार का अचार तैयार किया जा रहा है. जिसमें मशरूम अचार, आम अचार, कटहल सहित कई वैरायटी मौजूद हैं. आज इसकी मांग भी जबरदस्त है.

दादी द्वारा बनाया हुआ अचार एक दिन दीपक सिंह खा रहे थे. इसका स्वाद काफी अच्छा लगा. इसके बाद ऐसा ही बोल उठे की दादी आपके नाम से अचार कंपनी खोल दिया जाए क्या. दादी बोली हां क्यों नहीं, उसके बाद दादी थोड़ा अचार बनाई. आसपास के लोगों को स्वाद चखाया गया, स्वाद अच्छा लगा. उसके बाद बड़े पैमाने पर अचार तैयार कर बेचने का कारोबार शुरू हुआ और अब इसका बिक्री बढ़ती ही जा रही है.

दीपक सिंह ने लोकल 18 से बताया कि वह 14 प्रकार के आचार बना रहे हैं. इसके लिए वह घरेलू मसाला भी तैयार करते हैं, जिसकी वजह से उनका अचार काफी स्वादिष्ट होता है. घर के लोगों के खाने के लिए पहले दादी अचार बनाया करती थी. जहां से अचार उद्योग खोलने का उन्हें आइडिया मिला.

आज उनके अचार की बिक्री स्थानीय बाजार छपरा सहित कई जगहों पर बड़े पैमाने पर की जा रही है. वह प्रत्येक महीने 50 किलो से अधिक अचार की बिक्री कर लेते हैं. फिलहाल दो लोगों को रोजगार भी दिए हुए हैं. जहां पहले दोनों महिलाएं ही बेरोजगार थी. हालांकि भविष्य में इस उद्योग को वह और बड़ा रूप देंगे. इसके लिए वह लोन लेकर बड़ा कारोबार करेंगे. आज उनके पास मशरूम, आम वाला कटहल, टमाटर सहित कई प्रकार के अचार घरेलू मसाले से तैयार किए जाते हैं. जो काफी स्वादिष्ट होते हैं.
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