मेडिटेशन यानी ध्यान लगाना सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है। लेकिन कुछ लोगों को ध्यान लगाते समय आंख बंद करने पर घबराहट होने लगती है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो यहां जानिए वजह और निपटने का तरीका।
मेडिटेशन के लिए आंख बंद करने पर घबराहट क्यों होती है?
मेडिटेशन के दौरान आंखें बंद करने से डर लगना एक कॉमन समस्या है। जब आप आंखें बंद करते हैं, तो आपके दिमाग को बाहर जानकारी नहीं मिल पातीं जिनसे उसे यह एहसास होता है कि वह सही स्थिति में है और सुरक्षित है। जिसकी वजह से कुछ लोगों को बेचैनी, घबराहट डर या असुरक्षा का एहसास हो सकता है।
ये हो सकते हैं बेचैनी के कारण
– आपका मन उन विचारों और भावनाओं के प्रति ज्यादा जागरूक हो जाता है जो आम तौर पर भाग-दौड़ भरी लाइफ में ध्यान नहीं आती।
– ध्यान लगाने के लिए शांत होने पर कंट्रोल खोने का डर पैदा हो सकता है।
– पुराने अनुभव या एंग्जायटी की वजह से खामोशी और आंखें बंद करने पर असुरक्षित महसूस हो सकता है।
– अंधेरे में दिमाग डरावनी तस्वीरें या एहसास पैदा कर सकता है।
समस्या से कैसे निपटें
अगर आपको आंख बंद करते ही घबराहट होती है तो आपको जबरदस्ती ऐसा नहीं करना है। बस कुछ टिप्स आपके लिए मददगार साबित हो सकती हैं। जानिए-
1) अपनी आंखें थोड़ी खुली रखें और ध्यान लगाने के लिए किसी एक पॉइंट को आराम से देखें।
2) शुरुआत में सिर्फ 30 सेकंड से 2 मिनट तक के लिए ही ध्यान लगाएं।
3) किसी रोशनी वाली जगह या ऐसी जगह बैठें जहां आप सुरक्षित महसूस करें।
4)ध्यान लगाते समय किसी शारीरिक एहसास पर ध्यान दें, जैसे जमीन को छूते आपके पैर या आपकी सांसें।
5) जब भी आपको घबराहट या बेचैनी महसूस हो, तो अपनी आंखें खोल लें।
डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
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