राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन (उपसभापति) और जनता दल-यूनाइटेड (जेडी-यू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है. इसी के साथ ही इस बात को लेकर भी अटकलें शुरू हो गई हैं कि उनकी जगह कौन लेगा.
उपसभापति के पद को लेकर क्या होगा?
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन संभावित स्थितियों पर विचार किया जा रहा है. पहली ये कि बीजेपी इस सीट को अपने पास रख सकती है. दूसरी यह सीट फिर से जेडीयू, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) या अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम (एआईएडीएमके) को मिल सकती है. एआईएडीएमके के फ्लोर लीडर एम. थंबीदुरई लोकसभा में अंतिम उपसभापति थे.
इसके अलावा तीसरी स्थिति ये हो सकती है कि लोकसभा की तरह ही केंद्र सरकार उपसभापति पद के लिए चुनाव न कराने का विकल्प चुन सकती है, जिससे अध्यक्षों का एक पैनल अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन की सहायता कर सके. बता दें कि जून 2019 से लोकसभा में उपसभापति का पद रिक्त है.
हरिवंश नारायण सिंह की इस बार छुट्टी
बिहार से राज्यसभा के 5 सांसदों का 9 अप्रैल को कार्यकाल खत्म हो रहा है, हालांकि इनमें से सिर्फ 2 सांसद ही संसद लौट पाएंगे. आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता और एडी सिंह, जेडीयू के हरिवंश नारायण सिंह में किसी के फिर से राज्यसभा पहुंचने के आसार ना के बराबर हैं. जो 2 सांसद फिर से वापसी करेंगे, उनमें जेडीयू के केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा हैं. हरिवंश को नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है, लेकिन 2018 में उनको डिप्टी चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव बीजेपी ने पेश किया था.
कांग्रेस ने जमीनी नेताओं को मौका देकर चौंकाया
कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन अपने 6 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की. अभिषेक मनु सिंघवी और फूलो देवी नेताम को दोबारा मौका मिला है. वहीं हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और तमिलनाडु से कांग्रेस ने जमीनी नेताओं को मौका देकर चौंकाया है.
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