बार्सिलोना के स्टार मिडफील्डर फ्रेंकी डी योंग की चोट अब क्लब के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार, क्लब को लगता है कि अब ऑपरेशन ही समस्या का सबसे सही और स्थायी समाधान हो सकता है, लेकिन डी योंग फिलहाल सर्जरी कराने के पक्ष में नहीं हैं। यही वजह है कि खिलाड़ी और क्लब के बीच इस मामले को लेकर मतभेद बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
डी योंग का मानना है कि बिना ऑपरेशन इलाज के लिए तय चार सप्ताह की अवधि उस समय से गिनी जानी चाहिए, जब उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया था। उनका तर्क है कि चोट से उबरने की वास्तविक प्रक्रिया उसी समय से शुरू हुई है। दूसरी ओर, बार्सिलोना का मानना है कि डी योंग अभ्यास पर लौटने से पहले भी लगभग इसी तरह की उपचार और सुधार प्रक्रिया से गुजर रहे थे। इसलिए क्लब के हिसाब से उन्हें पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है।
गौरतलब है कि बार्सिलोना की नाराजगी केवल मौजूदा स्थिति तक सीमित नहीं है। क्लब में इस बात को लेकर भी सवाल उठे हैं कि पिछले सत्र के दूसरे हिस्से में डी योंग की शारीरिक स्थिति को किस तरह संभाला गया था। बार्सिलोना को लगता है कि खिलाड़ी की फिटनेस पर उसके विश्व कप में खेलने की इच्छा का भी असर पड़ा था।
डी योंग ने फरवरी में बार्सिलोना के लिए अपना आखिरी पूरा मुकाबला खेला था। इसके बाद सत्र के बाकी हिस्से में उन्हें सावधानी के साथ मैदान पर उतारा गया और उनके खेलने के समय पर लगातार नजर रखी गई। हालांकि, नीदरलैंड्स की टीम के साथ स्थिति अलग रही। डी योंग ने विश्व कप से बाहर होने तक अपनी टीम के सभी मुकाबलों में शुरुआत की। बार्सिलोना में इस फैसले को लेकर तब भी कुछ सवाल थे और अब चोट बढ़ने के बाद उन चिंताओं को और बल मिला है।
डी योंग ने बाद में कहा था कि नीदरलैंड्स की चिकित्सकीय टीम चोट की गंभीरता को सही तरह से समझ नहीं पाई थी। हालांकि, बार्सिलोना में इस पूरे मामले को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। क्लब यह जानना चाहता है कि चोट के इलाज और खिलाड़ी की वापसी की प्रक्रिया में अब तक क्या कमी रही है।
अब बार्सिलोना की प्राथमिकता स्थिति को जल्द से जल्द स्पष्ट करना है। क्लब चाहता है कि डी योंग ऑपरेशन के लिए तैयार हों, ताकि उनके ठीक होने का समय अधिक स्पष्ट हो सके और मुख्य कोच हांसी फ्लिक अपनी टीम की योजना उसी हिसाब से बना सकें।
डी योंग की लंबे समय तक गैरमौजूदगी से बार्सिलोना को एक और फायदा मिल सकता है। चोट के कारण टीम में एक स्थान खाली होने पर क्लब को नए खिलाड़ी के पंजीकरण के लिए कुछ अतिरिक्त गुंजाइश मिल सकती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के दौरान लगी चोट के लिए फीफा की ओर से मिलने वाली आर्थिक भरपाई का रास्ता भी खुल सकता है।
बता दें कि बार्सिलोना की मिडफील्ड योजना में डी योंग की अहम भूमिका रही है, लेकिन अगर रोड्री क्लब में आते हैं तो उनकी भूमिका कुछ हद तक बदल सकती है। हालांकि, रोड्री को लेकर बार्सिलोना और मैनचेस्टर सिटी के बीच अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ऐसे में डी योंग की चोट, सर्जरी पर उनका फैसला और उनकी वापसी की समयसीमा आने वाले दिनों में क्लब के लिए बेहद अहम रहने वाली हैं।
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