पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को लेकर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का बयान आया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी को Z+ सुरक्षा प्राप्त है और उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली गई है। अधिकारी के मुताबिक, मौके पर सिक्योरिटी डायरेक्टर और सीनियर अधिकारी मौजूद थे और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था में अपना काम किया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से सीधे पूछा कि क्या उनके और ममता बनर्जी के बीच कोई बातचीत हुई थी। अधिकारियों ने ऐसी किसी बातचीत से इनकार किया। उन्होंने टीवी फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया कि मौके पर एक वरिष्ठ पुलिस डीसी के नेतृत्व में पुलिस ने पूरा सहयोग किया और वहां बीजेपी का कोई प्रमुख चेहरा या पार्टी का झंडा नजर नहीं आया। उन्होंने ममता बनर्जी के मौके पर पहुंचने के तरीके पर भी सवाल उठाए।
पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे: सीएम
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि किसी परिवार के लोग खुद किसी नेता को अंदर नहीं आने देना चाहते हैं, तो ऐसे में जबरदस्ती अंदर जाने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या परिवार मदद के लिए बुलाता है या हस्तक्षेप चाहता है, तो मदद जरूर करनी चाहिए। लेकिन बिना बुलाए ऐसे मौके पर पहुंचना, खासकर जब विकास कार्य चल रहा हो, उचित नहीं है।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि पुलिस ने व्यापक इंतजाम किए थे। साथ ही, उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री रही हैं और उम्रदराज हैं, इसलिए उन्हें पूरी सुरक्षा और सम्मान दिया जाना चाहिए। पुलिस ने अपना काम किया, उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया।
“कार पर कीचड़, जूते और पत्थर फेंके गए”
बता दें कि ममता बनर्जी को रविवार को उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के मृत कार्यकर्ता बिरजू केवट के परिजनों से मिलने जाते समय भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने उनके वाहन को घेरकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी कार पर कीचड़, जूते और पत्थर फेंके गए। बनर्जी ने आरोप लगाया कि पुलिस को उनके दौरे की पूर्व सूचना होने के बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि उनकी कार पर ईंट के बड़े टुकड़े भी फेंके गए और इससे उनकी जान को खतरा हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को संरक्षण दे रही है और कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। बनर्जी ने राज्य सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए ‘गुंडों’ के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया।
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