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ब्लैक बंगाल बकरी
अगर आप बंगाल, बिहार या उत्तर-पूर्वी भारत से हैं, तो यह आपकी पहली पसंद होनी चाहिए। इसकी खासियत इसका बेहतरीन क्वालिटी का मीट और स्किन है। यह साल में दो बार बच्चे देती है। यह कम लागत और हर मौसम में भी आसानी से पलने के कारण यह छोटे किसानों के लिए बहुत फायदेमंद है।
जमनापारी बकरी
यह उत्तर प्रदेश के इटावा क्षेत्र की शान मानी जाती है। अगर आप दूध और मांस दोनों के लिए बकरी पालना चाहते हैं, तो जमनापारी से बेहतर कुछ भी नहीं है। यह दिखने में आकर्षक होती है और प्रतिदिन 2 से 3 लीटर दूध दे सकती है।
सिरोही बकरी
राजस्थान की यह नस्ल प्रतिकूल जलवायु में भी खुद को ढाल लेती है। इनका वजन तेजी से बढ़ता है, जिससे मीट बिजनेस में ये काफी फायदेमंद साबित होती हैं। इन्हें पालना आसान है क्योंकि ये कम चारे में भी खुश रहती हैं।
बरबरी बकरी
शहरों में रहने वाले या जिनके पास जगह कम है, उनके लिए बरबरी सबसे अच्छी है। यह छोटी और सुंदर होती है और इसे खूंटे पर बांधकर भी आसानी से पाला जा सकता है। यह व्यावसायिक के लिए काफी फेमस है। मांस और दूध दोनों के लिए ही अच्छी है।
बीटल बकरी
पंजाब और हरियाणा की यह नस्ल काफी हद तक जमनापारी जैसी दिखती है, लेकिन इसका आकार थोड़ा छोटा होता है। यह दूध उत्पादन के लिए भी मशहूर है और इसके नर बकरे ईद जैसे त्योहारों पर बहुत महंगे बिकते हैं।
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उस्मानाबादी बकरी
महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के लिए यह सबसे टिकाऊ नस्ल है। इसमें रोगों से लड़ने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है, जिससे पशुपालक का दवाओं पर खर्च कम होता है। ये प्रतिदिन लगभग 0.5 से 1.5 लीटर दूध देती हैं। इन्हें मुख्य रूप से मांस के लिए पाला जाता है।
सोजत बकरी
सोजत बकरियां मुख्य रूप से मांस और ब्रीडिंग के लिए पाली जाती हैं। ये दिखने में पूरी सफेद और सुंदर होती हैं, जिसकी वजह से बाजार में इनकी भारी मांग रहती है।
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