छोटे बच्चे के साथ पहली बार यात्रा करना जितना ज्यादा रोमांचक होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण हो सकता है। पेरेंट्स के मन में खानपान, सुरक्षा और बच्चे की सेहत को लेकर कई सवाल होते हैं। सफल और तनावमुक्त यात्रा की कुंजी ‘एडवांस प्लानिंग’ में छिपी होती है। फिर चाहे आप हवाई जहाज से जा रहे हों या ट्रेन से या कार से सफर कर रहे हों। बच्चे के सोने के समय और उनके आराम का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है।
यात्रा के दौरान बच्चों के स्वभाव में बदलाव आ जाता है, ऐसा होना स्वाभाविक है। क्योंकि नए वातावरण और शोर-शराबा बच्चे को विचलित कर सकता है। एक माता-पिता के रूप में आपके बैग में सिर्फ बच्चे के खिलौने या कपड़े ही नहीं बल्कि ‘इमरजेंसी मेडिकल किट’ भी होना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम उन जरूरी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी पहली फैमिली ट्रिप को सुखद और यादगार बनाने में मदद कर सकती है।
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इन सामान की जरूर करें पैकिंग
बच्चों के साथ यात्र करते समय ‘स्मार्ट पैकिंग’ पर ध्यान दें। डायपर बैग में एक्स्ट्रा कपड़े, गीले वाइप्स, पर्याप्त डाइपर और प्लास्टिक बैग होने चाहिए। इसके अलावा बच्चों का पसंदीदा खिलौना या कंबल साथ रखें। क्योंकि जाने-पहचानी चीज बच्चे को नए माहौल में सुरक्षित महसूस कराती है। खानपान का सामान जैसे प्यूरी, फॉर्मूला मिल्क या बिस्कुट आदि पर्याप्त मात्रा में रखें।
खानपान और हाइड्रेशन
यात्रा के समय बच्चों का पाचन तंत्र संवेदनशील हो सकता है। इसलिए उनको सिर्फ विश्वसनीय ब्रांड का बेबी फूड या घर का बना खाना दें। अगर आप हवाई यात्रा कर रहे हैं, तो टेक ऑफ और लैंडिंग के समय बच्चे को दूध या पानी पिलाना फायदेमंद होता है। यह कान के पर्दे पर दबाव को कम करता है। वहीं बच्चे को समय-समय पर पानी पिलाते रहें, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।
आराम और सोने का समय
प्रयास करें कि आपकी यात्रा का समय बच्चे के सोने से समय से मेल खाता हो। अगर यात्रा के दौरान बच्चा सो जाता है, तो आपका सफर शांतिपूर्ण बीतेगा। ट्रेन या फ्लाइट में ऐसी सीट चुननी चाहिए, जहां पर पैर फैलाने की ज्यादा जगह हो। बच्चे को सूती और आरामदायक कपड़े पहनाएं, जोकि मौसम के अनुकूल हों। वहीं अगर आप सड़क मार्ग से जा रहे हैं, तो हर दो घंटे में छोटे-छोटे ब्रेक लें, जिससे बच्चा तरोताजा महसूस करें।
सेफ्टी सबसे पहले
ट्रैवल के दौरान हमेशा चीजें योजना के मुताबिक नहीं चलती हैं। अगर बच्चा रोता या चिड़चिड़ाता है, तो धैर्य नहीं खोएं। अपनी मेडिकल किट में बुखार की दवा और थर्मामीटर जरूर रखें। वहीं यात्रा से पहले पीडियाट्रिशियन से एक बार सलाह जरूर लें। बच्चे की सेफ्टी के लिए हमेशा ‘स्ट्रॉलर’ या ‘बेबी कैरियर’ का इस्तेमाल करें।
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