नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की इंडेक्स सर्विसेज कंपनी NSE इंडाइसेज लिमिटेड ने बाजार में 11 नए सेक्टोरल इंडेक्स लॉन्च किए हैं। इस कदम से अब निफ्टी के तहत कुल सेक्टोरल इंडेक्स की संख्या बढ़कर 34 हो गई है, जिससे भारत की इकोनॉमी के अलग-अलग सेक्टर्स को ज्यादा सटीकता से ट्रैक किया जा सकेगा। इंवेस्टर्स को मिलेंगे ज्यादा ऑप्शंस सेक्टोरल इंवेस्टिंग का बढ़ रहा क्रेज यह लॉन्चिंग ऐसे समय में हुई है जब भारत की आर्थिक ग्रोथ से जुड़े थीम्स पर फोकस करने वाले इंवेस्टर्स के बीच सेक्टोरल इंवेस्टिंग (किसी खास सेक्टर में निवेश) को लेकर दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) और इंडेक्स फंड्स जैसे पैसिव प्रोडक्ट्स के जरिए अब ज्यादा से ज्यादा सेक्टर्स निवेश के लिए उपलब्ध हैं। इसी बदलती मांग को पूरा करने के लिए बेंचमार्क प्रोवाइडर्स लगातार अपने प्रोडक्ट्स बढ़ा रहे हैं। इकोनॉमी की ज्यादा सटीक कवरेज NSE इंडाइसेज के मुताबिक, इस नए कदम का उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था की ज्यादा गहरी और सटीक (ग्रैनुलर) कवरेज देना है। कंपनी ने बताया कि इन नए इंडेक्स की मदद से स्थापित और तेजी से उभरते हुए दोनों ही तरह के सेक्टर्स को बेहतर तरीके से पेश किया जा सकेगा, जिससे देश की इकोनॉमी में सेक्टोरल रिप्रजेंटेशन मजबूत होगा। पैसिव इंवेस्टमेंट को मिलेगी मजबूती स्टॉक एक्सचेंज का मानना है कि ये नए बेंचमार्क देश में लगातार बढ़ रहे पैसिव इंवेस्टमेंट इकोसिस्टम में एक बड़ा रोल निभा सकते हैं। आमतौर पर सेक्टोरल इंडेक्स ही ETFs, इंडेक्स फंड्स और स्ट्रक्चर्ड प्रोडक्ट्स का आधार बनते हैं। इसकी मदद से इंवेस्टर्स को अलग-अलग कंपनियों के शेयर चुनने की जगह एक खास इंडस्ट्री में सीधे निवेश करने का मौका मिलता है। एसेट मैनेजर्स के लिए ये नए इंडेक्स आने वाले समय में रेफरेंस इंडेक्स के रूप में काम करेंगे। क्या है NSE इंडाइसेज लिमिटेड? NSE इंडाइसेज को पहले ‘इंडिया इंडेक्स सर्विसेज एंड प्रोडक्ट्स लिमिटेड (IISL) के नाम से जाना जाता था। यह NSE की ही सहायक कंपनी है, जो निफ्टी 50 समेत पूरी निफ्टी फैमिली के इंडेक्स का मैनेजमेंट संभालती है। कंपनी के पास इक्विटी, फिक्स्ड-इनकम, थीमैटिक और कस्टमाइज्ड इंडेक्स की एक बड़ी रेंज है, जिसका इस्तेमाल भारत और विदेशों के फंड मैनेजर्स द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है। क्या होते हैं सेक्टोरल इंडेक्स और ETFs?
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