IRTSA ने ₹52,600 न्यूनतम वेतन मांगा
भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ (IRTSA) ने 8वें वेतन आयोग को दिए अपने ज्ञापन में ₹52,600 न्यूनतम वेतन की मांग की है। संघ ने यह गणना 2.92 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर की है।
IRTSA का कहना है कि नए वेतन निर्धारण में आज के समय के घरेलू खर्चों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसमें इंटरनेट, बोतलबंद पानी और मेडिकल इंश्योरेंस जैसे खर्च शामिल हैं। संघ ने रेलवे के सुरक्षा से जुड़े पदों के लिए उच्च फिटमेंट फैक्टर की मांग भी की है।
5% सालाना वेतन वृद्धि की मांग
IRTSA ने कर्मचारियों के लिए हर साल 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा तकनीकी पर्यवेक्षकों की करियर प्रगति में बदलाव की भी मांग की गई है। संघ ने जूनियर इंजीनियरों (JE) और सीनियर सेक्शन इंजीनियरों (SSE) से जुड़े कई मुद्दे भी आयोग के सामने रखे हैं। इनमें SSE को ग्रुप-बी राजपत्रित दर्जा देने, JE के लिए लेवल-7 से शुरू होने वाली 5-ग्रेड स्ट्रक्चर और बेहतर प्रमोशन व्यवस्था की मांग शामिल है। नाइट ड्यूटी, ओवरटाइम, जोखिम और कठिनाई भत्ते जैसे मुद्दे भी ज्ञापन में उठाए गए हैं।
फिटमेंट फैक्टर पर अभी कोई फैसला नहीं
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर अभी तय नहीं हुआ है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और रिपोर्टों में इसके 2.28 से 3.83 के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, ये केवल अनुमान और कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं। आयोग ने अभी तक किसी फिटमेंट फैक्टर या न्यूनतम वेतन को मंजूरी नहीं दी है।
फिलहाल ₹52,600 न्यूनतम वेतन, 2.92 फिटमेंट फैक्टर या किसी निश्चित वेतन वृद्धि को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। ये IRTSA और अन्य कर्मचारी संगठनों की मांगें/प्रस्ताव हैं। अंतिम लाभ का पता 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और उसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले से ही चलेगा।
अब इन शहरों में होंगी बैठकें
दिल्ली के बाद आयोग का परामर्श कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। स्रोत के अनुसार आयोग जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में भी हितधारकों से चर्चा करेगा। आयोग अपनी सभी परामर्श प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास केंद्र सरकार को सौंपी जा सकती है।
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