NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पात्र निवेशकों के लिए इश्यू 16 सितंबर 2026 से खुलेगा, जबकि अन्य निवेशकों के लिए बोली 17 सितंबर से शुरू होगी। IPO 21 सितंबर को बंद होगा। अपर प्राइस बैंड पर इश्यू का टोटल साइज करीब ₹22,561.57 करोड़ तक हो सकता है। यह IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale) है। इसका मतलब है कि NSE को इस इश्यू से नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।
निवेशक न्यूनतम 8 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसके बाद 8 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। इस OFS में SBI (State Bank of India) सबसे बड़ा शेयर बेचने वाला निवेशक है, जो करीब 1.60 करोड़ शेयर ऑफर करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (Canada Pension Plan Investment Board) और अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (Aranda Investments) भी बड़ी हिस्सेदारी बेचने वालों में शामिल हैं। दूसरी ओर NSE में 10.72 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली LIC इस OFS में अपने शेयर नहीं बेच रही है।
RHP के मुताबिक NSE का कोई पहचान योग्य प्रमोटर नहीं है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट दी जाएगी। NSE के शेयर BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट होंगे। ऐसे में IPO की कीमत और GMP दोनों ही निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।
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