एसयूवी के क्रेज के बीच छोटी कारों का दौर एक बार फिर से वापस आने वाला है। मारुति सुजुकी और हुंडई का कहना है कि अब कार बाजार की ग्रोथ सिर्फ SUVs तक सीमित नहीं है, बल्कि छोटे कारों समेत लगभग सभी सेगमेंट में मांग बढ़ रही है।
अब हर सेगमेंट में बढ़ रही सेल
SIAM ऐनुअल कन्वेंशन में हुंडई मोटर इंडिया के COO तरुण गर्ग ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पहली बार कार बाजार की शानदार ग्रोथ हो रही है। उनके मुताबिक पिछले 2-3 साल तक खासतौर से एसयूवी की बिक्री बढ़ रही थी, लेकिन अब सभी सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है। मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जीने भी छोटी कारों के बाजार को नजरअंदाज नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि एसयूवी का मार्केट शेयर करीब 57% है, लेकिन बाकी 43% बाजार अभी भी काफी बड़ा है। उनके मुताबिक कई कंपनियों ने छोटी कारों के खत्म होने की बात मान ली है, लेकिन सेल डेटा कुछ और कहानी बताते हैं।
Q1 FY27 में कारों की बिक्री ने पकड़ी रफ्तार
SIAM के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-जून 2026 यानी Q1 FY27 में यूटिलिटी व्हीकल्स की सेल ईयर-ऑन-ईयर 28.6% बढ़ी। वहीं, पैसेंजर्स व्हीकल्स की बिक्री भी 21.3% बढ़ी। इसकी तुलना में Q1 FY26 में पैसेंजर कार्स की बिक्री 11.2% घट गई थी। जबकि, यूटिलिटी व्हीकल्स में सिर्फ 3.8% की बढ़ोतरी हुई थी। Q1 FY27 में टोटल पैसेंजर व्हीकल बिक्री रिकॉर्ड 12.7 लाख यूनिट रही, जो ईयर-ऑन-ईयर 25.9% ज्यादा है। इस दौरान यूटिलिटी व्हीकल्स की हिस्सेदारी करीब 68% रही, जो FY25 में 65% और FY24 में 60% थी। FADA के रिटेल आंकड़ों में भी मजबूत मांग दिखाई देती है। FY26 में रिटेल बिक्री 47 लाख यूनिट के पार पहुंच गई, जो 13% की ग्रोथ है। जुलाई 2026 में रिटेल बिक्री सालाना आधार पर 19.13% बढ़कर 4,16,555 यूनिट रही।
GST 2.0 से भी मिल रहा फायदा
मारुति सुजुकी के पार्थो बनर्जी ने GST 2.0 को भी बाजार में आई तेजी की एक वजह बताया। उनके मुताबिक टैक्स में बदलाव का मकसद कस्टमर्ल को कार खरीदने और अपग्रेड करने के लिए प्रोत्साहित करना था और इसका असर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि 18% और 40% GST वाले दोनों सेगमेंट में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल रही है। बनर्जी के अनुसार 2030 तक नॉन-एसयूवी मार्केट का साइज करीब 27 लाख वाहनों का हो सकता है।
फेस्टिव सीजन से पहले कंपनियां उत्साहित
आने वाले फेस्टिव सीजन को लेकर दोनों कंपनियां काफी सकारात्मक हैं। बनर्जी के मुताबिक इंडस्ट्री फिलहाल हर महीने करीब 4.5 लाख यूनिट बेच रही है और मजबूत सेल जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि बुकिंग अच्छी चल रही है और अब तक बाजार का रुख पॉजिटिव है। हालांकि, हुंडई के तरुण गर्ग ने साल की दूसरी छमाही में ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर 5-6% रहने का अनुमान जताया है। इसकी वजह ऊंचा बेस और ग्लोबल चुनौतियां हैं। उन्होंने बढ़ती लागत को भी चिंता का विषय बताया। कंपोनेंट और कमोडिटी की कीमतें काफी बढ़ चुकी हैं और अगर कच्चे माल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो कंपनियों को इसका कुछ हिस्सा ग्राहकों पर डालना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, एसयूवी की मजबूत पकड़ के बावजूद छोटी कारों और दूसरे सेगमेंट की वापसी भारतीय ऑटो बाजार के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।
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