बैठक में हर विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, संगठन विस्तार, प्रशिक्षण, आगामी कार्यक्रमों और राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा होगी। भाजपा की ओर से जारी बयान में बताया गया कि कार्यसमिति में संगठन को अधिक सक्रिय, सशक्त और प्रभावी बनाने के साथ आगामी कार्ययोजना पर व्यापक मंथन किया जाएगा। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई वरिष्ठ नेता और प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य मौजूद हैं।
ओरछा में 14 साल बाद प्रदेश कार्यसमिति की बैठक हो रही है। इसके मद्देनजर पूरे शहर को पोस्टरों और बड़े-बड़े बैनरों से पाट दिया गया है, जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को प्रमुख स्थान दिया गया है। होटल राजमहल में हो रही इस बैठक के मुख्य प्रवेश द्वार पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, राजमाता सिंधिया और कुशाभाऊ ठाकरे को भी पोस्टरों में विशेष स्थान दिया गया है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, तकरीबन 300 प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हो रही इस बैठक में विशेष रूप से युवाओं से जुड़ी योजनाओं और उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। बैठक की शुरुआत से पहले सभी प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात सुनी, जिसके बाद दीप प्रज्वलित कर बैठक की औपचारिक शुरुआत की गई। बैठक आरंभ होने से पहले खंडेलवाल ने जामवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, प्रदेश महामंत्रियों एवं संभाग प्रभारियों की बैठक कर कार्यसमिति के एजेंडे पर चर्चा की।
नेताओं का मानना है कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले युवाओं की चिंताओं को समझना और उनके साथ बेहतर संवाद स्थापित करना जरूरी है। वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि देश का युवा वर्ग पहले से ही भाजपा के साथ है और आने वाले दिनों में उन्हें और मजबूती के साथ भाजपा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यसमिति की बैठक में संगठन और सरकार से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा होगी और भावी रणनीति की रुपरेखा तैयार की जाएगी।
पार्टी नेताओं ने बताया कि दतिया विधानसभा सीट के हालिया उपचुनाव में भाजपा की हार के कारणों में युवाओं की नाराजगी को भी एक वजह माना गया था। इसके अलावा उज्जैन में छात्रों के आंदोलन समेत राज्य के अन्य हिस्सों में शिक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर हुए प्रदर्शनों ने भी पार्टी का ध्यान आकर्षित किया है। ‘जेन-जी’ उस पीढ़ी को कहा जाता है, जिसका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है।
यह वर्ग तकनीक, इंटरनेट और सोशल मीडिया के साथ बड़ा हुआ है। भाजपा के बयान के मुताबिक, बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा के अलावा ‘समरसता का संकल्प’ और ‘विकसित भारत 2047’ जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा बूथ सशक्तीकरण पर भी चर्चा की जाएगी।
पार्टी ने कहा कि प्रदेश कार्यसमिति की यह बैठक संगठन की आगामी दिशा और कार्ययोजना तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।
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