Russian Oil Import : भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद काफी कम कर दी है. फिलहाल अभी यह पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन जनवरी के आंकड़े देखें तो इसमें आधे से भी ज्यादा की गिरावट आ चुकी है. विशेषज्ञों का कहना है कि आगे भी यह गिरावट जारी रहेगी और भारत अब रूसी क्रूड खरीदने के बजाय वेनेजुएला से सस्ते तेल की खरीद करने की तरफ बढ़ रहा है.
भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद कम कर दी है.
पेट्रोलियम कच्चा तेल आमतौर पर रूस से भारत के कुल व्यापारिक आयात का लगभग 80% होता है. जनवरी में रूस से कच्चे तेल का वास्तविक आयात लगभग 2.3 अरब डॉलर रहा है. सरकार ने बीते सोमवार को ही जनवरी 2026 के लिए व्यापार आंकड़े जारी किए हैं, लेकिन अभी तक उत्पाद श्रेणियों और देशों के अनुसार आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं. कच्चे तेल के अलावा, भारत रूस से कोयला, कोक, कुछ पेट्रोलियम उत्पाद, उर्वरक, लोहा, प्रोजेक्ट में इस्तेमाल होने वाले सामान, दालें, मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर भी आयात करता है.
अप्रैल में खरीदा था सबसे ज्यादा तेल
अप्रैल 2025 में रूस से क्रूड की खरीद अपने उच्चतम स्तर 4.73 अरब डॉलर पर थी, लेकिन उसके बाद से ही इसमें गिरावट दिख रही है. अमेरिकी सरकार ने बीते साल अगस्त में ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ की घोषणा की थी. इसी दौरान वॉशिंगटन ने भारत पर रूसी कच्चा तेल न खरीदने का दबाव भी बनाया. बाद में, 27 अगस्त से अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं के निर्यात पर 25% अतिरिक्त पेनाल्टी शुल्क लगा दिया, जो मूल रूप से रूसी कच्चे तेल को खरीदने की सजा थी. इसके बाद भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात सितंबर में घटकर 3.32 अरब डॉलर रह गया, जो अप्रैल की तुलना में करीब 30% की गिरावट है.
आगे और आएगी आयात में गिरावट
मामले से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि रूस से माल आयात में गिरावट आने वाले महीनों में और तेज हो सकती है, जब भारतीय रिफाइनरियां रूसी तेल की तुलना में सस्ता वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदने की ओर बढ़ेंगी. अभी भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला का कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव पर विचार कर रही हैं. 31 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा था कि भारत वेनेजुएला का तेल खरीदेगा. अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर प्रतिबंध लगाने से पहले भारत वेनेजुएला के कच्चे तेल के प्रमुख खरीदारों में से एक था. अब एक बार फिर भारत के लिए रास्ते खुल रहे हैं.
कैसे बदली तेल खरीद की रणनीति
वित्तवर्ष 2012-13 में भारत ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से 14.10 अरब डॉलर का कच्चा तेल आयात किया था. भू-राजनीतिक कारणों से वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात धीरे-धीरे कम होता गया और 2021-22 में यह शून्य हो गया. दूसरी ओर, रूस से भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति, जो 2011-12 में शून्य थी, 2022-23 में अचानक बढ़ गई और 31 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई. अगले साल (2023-24) यह 46.49 अरब डॉलर रही और 2024-25 में 50.28 अरब डॉलर को पार कर गई.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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