जामिया मिल्लिया इस्लामिया के जम्मू-कश्मीर छात्रावास की छात्राओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने शनिवार को सहायक प्रॉक्टर पर छात्राओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया, हालांकि विश्वविद्यालय ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने दावा किया कि शुक्रवार देर रात कुछ छात्रों ने छात्रावास के दो गेट तोड़ दिए और प्रॉक्टर की टीम के सदस्यों के साथ मार-पीट की। जामिया में शनिवार को विरोध-प्रदर्शन का तीसरा दिन है।
यह प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब कुछ छात्राओं ने मेस में परोसे जा रहे खराब गुणवत्ता के खाने की शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि खाने में कीड़े मिले थे। छात्राएं छात्रावास मेस के मौजूदा ठेकेदार का ठेका रद्द करने, मेस में महिला कर्मी की नियुक्ति करने और छात्रावास पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रही हैं। वह आश्वासन चाहती हैं कि विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। आइसा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय छात्रों की मांगों के संबंध में दिए गए आश्वासनों को पूरा करने में विफल रही है।
आइसा ने यह भी आरोप लगाया कि सहायक प्रॉक्टर मकसूद अहमद मलिक ने शुक्रवार तड़के करीब एक बजे छात्र कल्याण अधिष्ठाता (डीएसडब्ल्यू) कार्यालय के पास छात्राओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। छात्र संगठन का आरोप है कि एक छात्रा का मोबाइल फोन तब छीन लिया गया, जब वह घटना की रिकॉर्डिंग कर रही थी। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कहा कि विरोध के पहले ही दिन में छात्राओं की अधिकतर मांगे मान ली गई थीं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर स्थिति को और गंभीर बनाने का आरोप लगाया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘छात्राओं ने छात्रावास के दो गेट को क्षतिग्रस्त कर दिया , जिससे सभी की सुरक्षा खतरे में पड़ गई, और प्रॉक्टर टीम के सदस्यों के साथ बदसलूकी की।
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