पुजारा ने हाल ही अपने करियर को लेकर एक इंटरव्यू में खुलकर बात की है। उन्होंने कहा है कि अगर वनडे क्रिकेट में ज्यादा मौका मिलते तो इसका सीधा फायदा उनके टेस्ट करियर पर पड़ता और वे और भी बेहतर टेस्ट क्रिकेटर बन सकते थे।
लोगों ने सिर्फ टेस्ट प्लेयर की धारणा बनाई, बुरा फील हुआ
आकाश चोपड़ा ने पुजारा से सवाल किया कि क्या आपको लोगों ने बहुत जल्दी यह दिखाना शुरू कर दिया या एक धारणा बन गई कि आप सिर्फ टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पुजारा ने कहा कि “बिल्कुल ऐसा हुआ। इससे मुझे दुख भी हुआ। मैं ऐसा भी नहीं कहता था कि मैं बहुत महत्वाकांक्षी नहीं हूं। दूसरे फॉर्मेट नहीं खेलना चाहता। हालांकि, तब भी ऐसा परसेप्शन बन गया। उन्होंने कहा कि ”वनडे क्रिकेट की बात जहां तक है तो जिन भी लोगों ने भी मुझे चैलेंजर्स ट्रॉफी में देखा है या काउंटी क्रिकेट में खेलते देखा है तो उन्होंने कहा है कि आपके पास वह गेम है कि आप वनडे क्रिकेट भी खेल सकते हैं। आपसे भी कई कमतर लोग टीम इंडिया में खेल रहे हैं। उन लोगों ने हमेशा मुझे देखा और पारियों को देखकर कहते थे कि आप वनडे क्रिकेट खेल सकते थे और इस फॉर्मेट के भी बेहतरीन क्रिकेटर बन सकते थे।”
वनडे क्रिकेट में मौके मिलते तो और बेहतर टेस्ट क्रिकेटर होता
पुजारा ने आगे कहा कि “वनडे क्रिकेट में अगर पर्याप्त मौके मिलते तो अच्छा होता। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर इस फॉर्मेट में मैं खेलता तो और बेहतर टेस्ट क्रिकेटर भी बन सकता था। मैं ये नहीं कहता कि मैं टी-20 क्रिकेट का भी बेहतर क्रिकेटर बन सकता था, लेकिन अगर वनडे की बात होती है और वहां पर जगह होती तो मैं टीम इंडिया के लिए लंबे समय तक बतौर मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज खेल सकता था और टेस्ट क्रिकेट में भी इससे मेरा खेल मजबूत होता।” उन्होंने कहा कि “अगर टी-20 की बात है तो मैं खेल तो वहां भी सकता था, लेकिन बड़ा क्रिकेटर बनता या नहीं बनता यह नहीं कह सकता। आईपीएल आने के बाद चीजें और बदल गई थीं।”
ऐसा है पुजारा का वनडे, टेस्ट और आईपीएल करियर
बता दें कि चेतेश्वर पुजारा ने अपने करियर में कुल 5 वनडे मैच खेले हैं, जिसकी पांच पारियों में 51 रन बनाए हैं। वनडे में उनका डेब्यू साल 2013 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हुआ था। 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच खेला था। पुजारा का टेस्ट करियर काफी लंबा है। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कुल 103 मैच खेले हैं, जिसमें 176 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 43.61 की औसत से कुल 7195 रन बनाए हैं। टेस्ट में उन्होंने 35 अर्धशतक और 19 शतक लगाए हैं। तीन दोहरे शतक उनके नाम हैं। उन्होंने आईपीएल में भी 30 मैच खेले हैं, जिसकी 22 पारियों में 390 रन बनाए हैं। आईपीएल में उनके बल्ले से चार छक्के भी निकले हैं।
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