UPSC IPS Bushara Bano Success Story : अपनी सफलता की शानदार कहानी से देश की लाखों महिलाओं को प्रेरित कर रहीं आईपीएस अफसर बुशरा बानो ने एक वीडियो में इंशाल्लाह, अस्सलाम वालेकुम, जज़ाकल्लाह कहा, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया। लोग विरोध और समर्थन में अपने अपने तर्क दे रहे हैं।
IPS बुशरा बानो ने वीडियो में क्या कहा
बुशरा बानो ने वीडियो में कहा, ‘अस्सलाम वालेकुम, मेरा नाम बुशरा बानो है। मैं आईपीएस 2021 क्वाॉलीफाइड हूं। अभी खड़गपुर में एडिशनल एसपी हूं। जो आरसीए है, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का रेजिडेंशियल कोचिंग अकाडमी, उसे सरकार ने खासकर अल्पसंख्यक, महिलाओं और एससी, एसटी के लिए बनाया है। मेरी जर्नी में वह बहुत हेल्पफुल रहा। मैंने जब पीएचडी के बाद सऊदी अरब से आकर तैयारी करने की सोची तो मुझे यहां बहुत हेल्प मिली। यहां की लाइब्रेरी बहुत अच्छी है। मैं उम्मीद करती हूं की और भी जो बच्चे हैं ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस योजना का लाभ उठाएं और जो सुविधाएं हैं, उनका फायदा उठाएं। अगर वे आरसीएस में रहेंगे और पढ़ाई करेंगे तो इंशाअल्लाह और भी बहुत सारे लोग मेरी तरह आगे आएंगे और उन्हें मुल्क की खिदमद करने का मौका मिलेगा।’
क्या बोले यूजर्स
एक यति शर्मा नाम की यूजर ने लिखा कि वंदे मातरम् नहीं, जय हिंद नहीं। बुशरा बानो के पक्ष में आशीष जोशी नाम के यूजर ने लिखा कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता है। माशाल्लाह! एक यूजर ने लिखा – इनके लिय मजहब पहले, देश बाद में, जबकि इस लेवल के सरकारी नौकर जय हिंद बोलते हैं,। विकास मित्तल नाम के यूजर ने लिखा कि यूपीएससी,आईपीएस एसोसिएशन मुझे बताये ऐसे लोगो क्या ट्रेनिंग दी जाती है जिनके लिए मजब पहले है और क्या दिमाग के टेस्टिंग नहीं होती है क्या,किसी को भी आईपीएस बना देते हो। ऐसे लोग अपने ही धर्म के लोगो का पक्ष लेंगे और ऐसे लोग इतनी बड़ी पोस्ट में है कैसे बोल सकते है यह इंसाफ़ करेंगे। अब्बास नाम के यूजर ने लिखा- चलो इन तीनो बातों को तुम्हारे हिसाब से लिख देते हैं। अस्सलामु अलैकुम-नमस्कार उपर वाले की कृपा तुम पर बनी रहे। इंशाअल्लाह-जो काम तुम करना चाहते हो अगर उपर वाले ने चाहा तो वो पूरा हो जज़ाक अल्लाह-नमस्कार इन तीनों बातों का यही मतलब होता है। बस भाषा का फर्क है।
कौन हैं बुशरा बानो, पास में कई डिग्रियां
बुशरा बानो का जन्म उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में हुआ। वो पढाई में काफी तेज थीं। उनके पास कई डिग्रियां हैं जैसे पीएचडी, एमबीए एम और नेट-जेआरफ। बुशरा बानो ने अपनी अपनी 12वीं की पढ़ाई खत्म करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बा नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण किया और मैनेजमेंट विषय में पीएचडी पूरी की।
सऊदी में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी
इतना ही नहीं वो शादीशुदा है। अपनी पीएचडी पूरी करने के बाद सऊदी अरब की एक नामी यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी कर रही थीं। वहां वो एक शानदार लाइफ को अपने बच्चों के साथ जी रही थीं। लेकिन इसके बावजूद उनका झुकाव यूपीएससी की तरफ गया। विदेश में शिक्षण कार्य करने के बाद वे देश सेवा के संकल्प के साथ भारत लौटीं। इसमें उनके पति ने भी पूरा सपोर्ट किया। वो भी बुसरा बानो और बच्चे के साथ 2016 में भारत लौट आएं।
दो बच्चों की मां ने शुरू की तैयारी
बुशरा बानो जब भारत लौंटी, तो उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। यूपीएससी की तैयारी के दौरान बुशरा बानो दूसरे बच्चे की मां बन गईं। जब वो दूसरे बच्चों की मां बनीं, तो लोगों ने मान लिया था कि उनका नाता अब किताबों से टूट जाएगा। लेकिन उन्होंने उन लोगों को गलत साबित किया।
यूपी पीसीएस और यूपीएससी किया क्रैक
यूपीएससी के लिए बुशरा बानो ने जमकर मेहनत की। हालांकि उनके लिए ये सब आसान नहीं था। पारिवारिक जिम्मेदारियों, दो बच्चों की परवरिश और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने प्रयास जारी रखा। बुशरा ने यूपीएससी और यूपी पीसीएस जैसी कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान प्राप्त किया।
जानें कितनी थी रैंक
पहली बार जब यूपीएससी की सिविल सर्विस को क्रैक किया, तो उन्होंने परीक्षा में ऑल इंडिया 277वीं रैंक हासिल की। इसके तहत उन्हें भारतीय रेल यातायात सेवा कैडर अलॉट हुआ, मगर बुशरा का सपना भारतीय पुलिस सेवा में जाने का था। ऐसे में उन्होंने फिर से यूपीएससी में भाग्य आजमाया और इस बार 234वीं रैंक लाकर पश्चिम बंगाल कैडर में आईपीएस बनीं। बता दें कि साल 2021 बैच की आईपीएस बुशरा बानो की वर्तमान पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के पद पर है।
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