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इंटरनेशनल टेस्ट मैचों में पहली बार 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच डे-नाइट टेस्ट में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया गया था।
टेस्ट क्रिकेट में अब खराब रोशनी की वजह से खेल नहीं रुकेगा। ICC ने पिंक बॉल के इस्तेमाल के ट्रायल को मंजूरी दे दी है। खराब रोशनी के दौरान, जब लाल गेंद फ्लडलाइट्स में ठीक से दिखाई नहीं देती, तब खेल को जारी रखने के लिए गुलाबी गेंद का उपयोग किया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए दोनों टीमों के कप्तानों की सहमति जरूरी होगी।
यह नियम केवल दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों और फ्लडलाइट्स वाले मैदानों पर लागू होगा। इसके अलावा, नए नियम के तहत अब हेड कोच वनडे मैचों में ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर जाकर खिलाड़ियों से बातचीत कर सकेगा। ये फैसले 1 जून को अहमदाबाद में हुई ICC बोर्ड बैठक में लिए गए।

टेस्ट मैचों में बैड लाइट की वजह से कई बार दिन में 90 ओवर का खेल नहीं हो पाता है
हॉक-आई का इस्तेमाल भी किया जाएगा
बोर्ड ने अंपायर को अवैध गेंदबाजी एक्शन की रिपोर्ट पर विचार करते समय हॉक-आई डेटा देखने की अनुमति भी दी है। साथ ही, खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या कम करने के लिए ICC और मेरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (MCC) मिलकर नई लाइटिंग तकनीक पर रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को फंड करेंगे।
क्या होता है हॉक-आई
हॉक-आई एक कैमरा-आधारित ट्रैकिंग तकनीक है, जो कई हाई-स्पीड कैमरों की मदद से गेंद की गति और उसके रास्ते का 3D मॉडल तैयार करती है। क्रिकेट में इसका सबसे ज्यादा उपयोग DRS के तहत LBW फैसलों में होता है, जहां यह अनुमान लगाया जाता है कि बल्लेबाज के पैड से टकराने के बाद गेंद स्टंप्स को लगती या नहीं। इससे अंपायरों को अधिक सटीक निर्णय लेने में मदद मिलती है।

टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर काफी चर्चा हुई थी।
सभी नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे
ICC ने खेल की शर्तों में कई बदलाव भी मंजूर किए हैं। अब हेड कोच ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान टीम से बात कर सकेंगे। टी-20 इंटरनेशनल में मैचों में 15 मिनट का इंटरवेल अनिवार्य होगा और खेल दोबारा शुरू होने पर बल्लेबाजों को तैयार रहना होगा। लेगसाइड वाइड्स ट्रायल को भी अपनाया गया है। MCC के बाकी सभी लॉ बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।

वनडे में अभी सिर्फ सब्सिट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स ब्रेक्स के दौरान मैदान पर जा पाते हैं।
महिला क्रिकेट के लिए नए टूर्नामेंट और क्वालिफिकेशन सिस्टम
ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की विंडो बदल दी गई है। यह टूर्नामेंट अब जून-जुलाई की जगह 14 से 28 फरवरी 2027 के बीच खेला जाएगा।
ICC ने महिला इमर्जिंग नेशंस ट्रॉफी 2026 को शुरू करने की मंजूरी दी है। इसमें 10 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें पांच फुल मेंबर और पांच एसोसिएट मेंबर देश होंगे। टीमों का चयन रैंकिंग और पिछले टी-20 वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन के आधार पर होगा।
विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2028 के क्वालिफिकेशन सिस्टम को भी मंजूरी मिल गई है। यह टूर्नामेंट पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मेजबानी में होगा, जबकि भारत के मैच न्यूट्रल वेन्यू पर खेले जाएंगे।
12 टीमों के इस टूर्नामेंट में 10 टीमों को सीधे एंट्री मिलेगी। इनमें महिला टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टॉप-8 टीमें, मेजबान और 6 जुलाई 2026 की रैंकिंग के आधार पर अगली टीमें शामिल होंगी। बाकी दो स्थान 10 टीमों वाले ग्लोबल क्वालिफायर से तय होंगे।
बांग्लादेश, श्रीलंका और फ्रेंचाइजी क्रिकेट पर चर्चा
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के चुनावी प्रक्रिया समेत वहां की स्थिति पर चर्चा के लिए क्रिकेट साउथ अफ्रीका के डॉ. मोहम्मद मूसाजे और जिम्बाब्वे क्रिकेट के तावेंगा मुकुहलानी बांग्लादेश जाएंगे और विभिन्न पक्षों से बात करेंगे।
वहीं, बोर्ड ने दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीगों पर चिंता जताई है। ICC ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर और फ्रेंचाइजी टूर्नामेंटों के बीच संतुलन बनाने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया है। यह समिति मौजूदा ढांचे के भीतर तालमेल की संभावनाओं का आकलन करेगी।
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