- Hindi News
- Career
- Raghuram Rajan Joins US Fed Task Force & Aman Seharawat Wins Budapest Gold
- कॉपी लिंक
आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-
नेशनल (NATIONAL)
1. RBI पूर्व गवर्नर रघुराम राजन US फेडरल रिजर्व टास्क फोर्स में नियुक्त हुए
- 16 जुलाई को RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन US फेडरल रिजर्व की टास्क फोर्स में अपॉइंट हुए।
- ये 5 सदस्यों की एक हाईलेवल रिव्यू टास्क फोर्स है। ये टास्क फोर्स अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी के स्ट्रक्चर को एनालायज करेगी।
- इस टास्क फोर्स का काम फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी, डेटा एनालेसिस, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI), और बैलेंस शीट से जुड़े स्ट्रक्चर को रिव्यू करना होगा।
- इस टास्क फोर्स में रघुराम राजन बैलेंस शीट पॉलिसी की समीक्षा करने वाले पैनल का हिस्सा होंगे।
- साथ ही भारतीय मूल के विशेषज्ञ डेटा, प्रोडक्टिविटी और इंफलेशन के स्ट्रक्चर को रिव्यू करेंगे।
- इस टास्क फोर्स का उद्देश्य भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के लिए फेडरल रिजर्व की नीति को बेहतर बनाना है।
- रघुराम राजन भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रह चुके हैं। साथ ही वे यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर भी रह चुके हैं।
- भारतीय मूल के राज चेट्टी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिस्ट हैं और वे डेटा टास्क फोर्स के डेटा टास्क को लीड करेंगे।
- भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट हैं और वे इस टास्क फोर्स में प्रोडक्टिविटी पर काम करेंगी।
- इसके साथ ही इस टास्क फोर्स में बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व गवर्नर मर्विन किंग, वॉलमार्ट के पूर्व CEO डग मैकमिलन, नोबेल पुरस्कार विजेता थॉमस सार्जेंट शामिल हैं।
- केविन वॉर्श हाल ही में US Fed के चेयरमैन बने हैं ।
US फेडरल बैंक
- US फेडरल USA का केंद्रीय बैंक है। इसे आम बोलचाल में ‘फेड’ कहा जाता है।
- US फेडरल का मुख्य काम अमेरिकी अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और मौद्रिक नीति को ऑपरेट करना होता है।
- US फेडरल 1913 में स्थापित किया गया था, इसका हेडक्वार्टर वाशिंगटन, डीसी में है।

2003 से 2006 तक रघुराम राजन IMF में मुख्य अर्थशास्त्रीऔर रिसर्च डिपार्टमेंट के डायरेक्टर भी रहे।
नेशनल (INTERNATIONAL)
2. वाराणसी में 2 एलीवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी
- 15 जुलाई को केंद्र सरकार ने ₹25,445.96 करोड़ की लागत वाली दो सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी।
- इन परियोजनाओं के तहत वाराणसीशहर में कुल 89.26 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
- एक कॉरिडोर वरुण नदी किनारे बनेगा, जिसकी लंबाई 43.21 किमी होगी।
- ये परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत 10,998.32 करोड़ रुपए होगी।
- नए कॉरिडोर से NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।
- NH-19 से रिंग रोड तक बनेगा 46 किमी का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कैबिनेट बनेगा।
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर
- गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर बनने वाली छह लेन की एलिवेटेड रोड होगी।
- ये नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा।
- इस कॉरिडोर के जरिए अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच आसान हो जाएगी।

यह परियोजना हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर विकसित की जाएगी।
स्पोर्ट्स (SPORTS)
3. अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 जीती
- 16 जुलाई को भारतीय रेसलर अमन सहरावत ने बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 में गोल्ड मेडल जीता।
- अमन ने ये मेडल 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में जीता है।
- अमन ने फाइनल में जॉर्जिया के रॉबर्टी डिंगाशविली को 13-3 से टेक्निकल सुपीरियरिटी के आधार पर हराकर खिताब अपने नाम किया।
- इसके साथ ही दीपक ने भी 61 किग्रा फ्रीस्टाइल में कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीता।
- दीपक ने प्लेऑफ में अजरबैजान के नुरद्दीन नोवरुजोव को 9-8 से हराया।
- अमन ने 2013–14 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में फाइटिंग ट्रेनिंग शुरू की थी।
- 2022 में UWW अंडर-23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
- 2023 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में 57 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
- 2023 में पेरिस ओलिंपिक गेम्स में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में सबसे कम उम्र में ब्रॉन्ज जीतने वाले रेसलर बने।
- अमन ने अप्रैल 2026 में एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप’ में सिल्वर मेडल जीता था।
बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026
- बुडापेस्ट रैंकिंग सीरीज 2026 को पोल्याक इमरे, वर्गा जानोस और कोजमा इस्तवान मेमोरियल भी कहा जाता है।
- ये सीरीज 15 से 19 जुलाई तक हंगरी में आयोजित की जा रही है।

अमन ने ये मेडल 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कैटेगरी में जीता है।
4. ICC ने वनडे वर्ल्ड कप, टी-20 का फॉर्मेट बदला
- 15 जुलाई को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने क्रिकेट के फॉर्मेट में बदलावों को मंजूरी दी।
- अब 2027 का वनडे वर्ल्ड कप और 2028 का टी-20 वर्ल्डकप नए फॉर्मेट में होगा।
- अब वनडे वर्ल्ड कप में 14 टीमों के साथ नया थ्री-स्टेज फॉर्मेट लागू होगा, जिसमें सेमीफाइनलिस्ट सुपर-7 राउंड से चुने जाएंगे। सब तक सुपर-6 से चुने जाते थे।
- वहीं, टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 की जगह सुपर-10 स्टेज खेला जाएगा। सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए दो नए एलिमिनेटर मुकाबले भी जोड़े गए हैं।
- दोनों ग्रुप की टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में पहुंचती थीं। सुपर सिक्स में 3-3 टीमों के दो ग्रुप बनते थे, जहां कुल 9 मैच खेले जाते थे।
- इसके बाद दोनों ग्रुप की टॉप-2 टीमें सेमीफाइनल और फिर फाइनल में पहुंचती थीं।
- इसके अलावा 2028 टी-20 वर्ल्ड कप के लिए नया क्वालिफिकेशन स्ट्रक्चर बनाया गया है। इनका ऐलान एडिनबर्ग में हुआ।

मिसलीनियस (Miscellaneous)
5. नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 को मंजूरी
- 15 जुलाई को केंद्र सरकार ने नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 (NIPU-2026) को मंजूरी दी।
- ये मंजूरी पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने दी।
- इसका उद्देश्य देश में गैस-आधारित नए यूरिया संयंत्रों में निवेश को बढ़ावा देना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है।
- फिलहाल देश में 33 यूरिया प्रोडक्शन यूनिट हैं। जिनकी कुल क्षमता लगभग 269.42 लाख मीट्रिक टन (LMT) है।
- नई इंवेस्टमेंट पॉलिसी के तहत देश में लगने वाली सभी नई गैस आधारित यूरिया निर्माण इकाइयों को शामिल किया जाएगा।
- सरकार ने निवेशकों के लिए 12 से 16 फीसदी के बीच रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) का प्रावधान किया है।
- इसके अलावा फिक्स्ड और वेरिएबल लागत को अलग-अलग रखी जाएगी, जिससे लागत निर्धारण अधिक पारदर्शी होगा।
- सरकार का अनुमान है कि इन बदलावों से नई पॉलिसी के तहत स्थापित होने वाले प्रत्येक यूरिया संयंत्र पर पुरानी नीति के मुकाबले 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की बचत होगी।
- इससे पहले साल 2012 में लागू नेशनल इंवेस्टमेंट पॉलिसी के तहत छह नई यूरिया यूनिट स्थापित की गई थीं।
- इनमें चार यूनिट सार्वजनिक क्षेत्र की और दो निजी क्षेत्र ने लगाई थीं। नई पॉलिसी से देश में गैस आधारित यूरिया संयंत्रों की संख्या बढ़ेगी और घरेलू उत्पादन भी बढ़ेगा।
- इस पॉलिसी के तहत देश में 8 से 9 नए यूरिया संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिनसे कुल 10 मिलियन टन (1 करोड़ मीट्रिक टन) की अतिरिक्त उत्पादन क्षमता जुड़ने का अनुमान है।
6. केंद्र सरकार ने ‘नमस्ते’ योजना को मंजूरी दी
- 15 जुलाई को भारत सरकार ने ‘नमस्ते’ (NAMASTE – नेशनल एक्शन फॉर मैकेनाइज्ड सैनिटेशन ईकोसिस्टम) योजना को मंजूरी दी।
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में सीवर और सेप्टिक टैंकों की खतरनाक हाथ से सफाई को पूरी तरह से खत्म करना है।
- इस योजना के तहत सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले स्वच्छता कर्मियों के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE किट) दिए जाएंगे।
- इस योजना का उद्देश्य मैनुअल स्कैवेंजिंग को खत्म करना और स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
- इस योजना में इसके साथ ही सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई को पूरी तरह मशीनीकृत किया जाएगा।
- 2023 में नमस्ते योजना के तहत PPE किट में हेलमेट, चश्मा, फेस शील्ड, दस्ताने, गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मॉनिटर, सुरक्षा जूते, रिफ्लेक्टिव जैकेट और रेस्पिरेटर/मास्क दिए गए थे।
- इसका उद्देश्य सफाई मित्रों को प्रशिक्षित करना और उनके काम को सम्मान और सुरक्षा देना है।
आज का इतिहास
- 1489 में निजाम खान को सिकंदर शाह लोदी द्वितीय के नाम से दिल्ली का सुल्तान घोषित किया गया।
- 1850 में हार्वर्ड यंत्रशाला ने तारे का पहला फोटोग्राफ लिया।
- 1948 में भारत में महिलाओं को भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा समेत सभी सार्वजनिक सेवाओं में भर्ती होने की पात्रता मिली।
————
ये खबर भी पढ़ें..
NSA अजीत डोभाल BIMSTEC की मेजबानी करेंगे:मध्य प्रदेश के इंदौर एयरपोर्ट से पहली अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू, 16 जुलाई के करेंट अफेयर्स

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- पूरी खबर पढ़ें..
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
