तपस्या परिहार साल 2018 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। तपस्या ने जब पहली बार यूपीएससी सीएसई का एग्जाम दिया, तो वो अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं थीं।
तपस्या परिहार ने हासिल की लॉ की डिग्री
तपस्या परिहार मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के जोबा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता किसान हैं। बचपन से ही तपस्या होनहार छात्रा थीं। तपस्या की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय (KV) से हुई। इसके बाद उन्होंने पुणे के इंडियन लॉ सोसाइटी कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की। यहीं से उनके UPSC के सपने ने आकार लेना शुरू किया। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। हालांकि उनके लिए यह राह आसान नहीं था। एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली तपस्या परिहार के सामने कई चुनौतियां थी। संसाधन सीमित थे और दिशा-निर्देश की भी कमी थी। इसलिए उन्होंने अपने दम पर इस परीक्षा में बैठने का निर्णय लिया।
पहली बार प्रीलिम्स में फेल
तपस्या परिहार साल 2018 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। तपस्या ने जब पहली बार यूपीएससी सीएसई का एग्जाम दिया, तो वो अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाईं थीं। अपने पहले अटेंप्ट के लिए तपस्या परिहार ने कुछ दिनों कोचिंग का सहारा लिया था। लेकिन उन्हें जल्द ही इस बात का एहसास हो गया था कि वो वहां 300 प्रतियोगी छात्रों के बीच बिल्कुल ही फोकस नहीं कर पा रही थीं।
फिर से परीक्षा देने का किया फैसला
पहली बार में यूपीएससी क्रैक नहीं होने पर तपस्या बिल्कुल निराश नहीं हुईं, उन्होंने फिर से परीक्षा देने का फैसला किया। इस बार उन्होंने सेल्फ स्टडी पर फोकस किया। उन्होंने बेहतर रणनीति बनाई और नई चीजें याद करने के साथ-साथ पुरानी चीजों का भी रिवीजन करती रहीं। इतना ही नहीं, वो खुद ही नोट्स बनाती थीं। यही उनकी सफलता की सबसे अहम सीढ़ी भी बनीं।
इस स्ट्रैटजी से की यूपीएससी की तैयारी
फिर साल 2017 में, तपस्या ने दूसरी बार यूपीएससी परीक्षा दी और शानदार AIR 23 के साथ सफलता हासिल की। मीडिया रिपोर्ट्सके मुताबिक, IAS तपस्या बताती हैं कि उन्होंने मॉक टेस्ट और मेन्स परीक्षा के लिए लिखने की खूब प्रैक्टिस की थी। अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने एनसीईआरटी की किताबें पढ़ीं। साथ ही कई टॉपर्स के इंटरव्यू भी पढ़ें। इसके अलावा उन्होंने अपने ज्यादा से ज्यादा समय टेस्ट पेपर सॉल्व करने में लगाया। इतना ही नहीं वो कहती हैं कि सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते समय एक शेड्यूल बनाएं और उसी पर भरोसा करें। छोटे-छोटे गोल्स को अचीव करें और परीक्षा के दिन जैसे-जैसे नजदीक आते हैं, उस हिसाब से स्ट्रैटजी बनाकर अपनी तैयारी जारी रखें।
बगैर कन्यादान की शादी
आईएएस तपस्या परिहार वही हैं, जिन्होंने अपनी शादी में बीच मंडप में कन्यादान से इनकार कर दिया था। आईएएस तपस्या परिहार की शादी साल 2021 में पचमढ़ी में 12 दिसंबर को आईएफएस गर्वित गंगवार के साथ सात फेरे लिए।उन्होंने लव मैरिज की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी यानी लबासना (LBSNAA) में ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। शादी के दौरान उन्होंने कन्यादान की रस्म को मना कर दिया था। तपस्या ने अपने पिता से कहा कि वह कोई दान करने वाली चीज नहीं हैं। उनके परिवार वालों के साथ ही वर पक्ष के लोग भी इस बात के लिए राजी हो गए थे कि बगैर कन्यादान किए भी शादी की जा सकती है। उनके इस फैसले का लोगों ने खूब सराहना भी की।
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