- पेट्रोल पंप पर चिप लगाकर चोरी, रिमोट से रीडिंग बदलकर की जाती है ठगी।
- मशीन को जीरो पर सेट किए बिना ही तेल भरना, पुरानी रीडिंग से ज्यादा बिल।
- मीटर की रीडिंग अचानक उछल जाती है, जिससे कम तेल में ज्यादा पैसे लगते हैं।
- गाड़ी से उतरकर मशीन पर नजर रखें, शक होने पर फिल्टर पेपर टेस्ट मांगें।
Petrol Pump Fraud: पेट्रोल पंप पर फ्रॉड की शिकायतें अकसर सामने आती रहती है. ज्यादातर लोगों को शिकायत होती है कि उन्हें पैसे के बदले पूरा तेल नहीं मिलता. इसके अलावा मिलावट को लेकर भी लोगों को शिकायतें रहती हैं. इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए खुद का अलर्ट रहना बहुत जरूरी है. फिर भी कई बार पंप के कर्मचारी बातों में उलझाकर या दूसरे तरीकों से गड़बड़ करते हुए पाए जाते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि पेट्रोल पंप की मशीन में कैसे गड़बड़ होती है और ऐसे फ्रॉड का कैसे पता लगाएं.
कैसे होती है गड़बड़?
चिप की ली जाती है मदद- रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बार पंप के कर्मचारी मशीनों में चिप लगा देते है. रिमोट से कंट्रोल होने वाली इस चिप की मदद से मीटर में रीडिंग सही चलती है, लेकिन गाड़ी में तेल कम चलता है. इस कारण ग्राहक को पैसे पूरे देने पड़ते हैं, लेकिन इसके बदले उसे पूरा पेट्रोल या डीजल नहीं मिल पाता.
जीरो स्कैम- यह पेट्रोल पंप पर होने वाले फ्रॉड का सबसे आसान और कॉमन तरीका है. इसमें कर्मचारी मशीन को जीरो पर सेट किए बिना ही तेल भरना शुरू कर देते हैं. इससे पहली की रीडिंग भी आपके बिल में जुड़ जाती है, जिससे आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, जबकि आपकी गाड़ी में उतना तेल नहीं भरा गया है.
जंप ट्रिक- फ्रॉड का यह तरीका भी काफी चलन में है. इसमें मीटर की रीडिंग एकदम उछल जाती है. यानी जिस डिस्प्ले पर आपको कीमत दिखाई जाती है वह 0 से शुरू होने के बाद 2, 3, 4, 5… के हिसाब से आगे नहीं बढ़ता बल्कि सीधा 10, 20, 30 पर चला जाता है. इससे तेल कम भरा जाता है, लेकिन रकम पूरी ले ली जाती है. इसमें ग्राहक को 10 लीटर तेल डलवाने पर लगभग 100 रुपये तक का नुकसान हो सकता है.
क्या हैं फ्रॉड से बचने की टेक्निक?
- पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते समय गाड़ी से उतर जाएं और मशीन के पास जाकर रीडिंग पर नजर रखें.
- अगर कर्मचारी आपको बात लगाने की कोशिश करते हैं तो उनकी हरकतों पर नजर रखें.
- अगर मशीन अचानक से जंप करती है तो वहां रखें माप से तेल की मात्रा जांचें.
- अगर आपको तेल में मिलावट का शक है तो फिल्टर पेपर टेस्ट की मांग करें. मिलावट होने पर पेपर पर धब्बा रह जाएगा.
- अगर आपको मिलावट या माप में गड़बड़ लग रही है तो संबंधित कंपनी की हेल्पलाइन, मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर शिकायत की जा सकती है.
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