अमेरिका और क्यूबा के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट ने वॉशिंगटन की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी मीडिया संस्था की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन क्यूबा को संभावित सुरक्षा खतरे के रूप में देख रहा है। दावा किया गया है कि क्यूबा ने 300 से ज्यादा सैन्य ड्रोन हासिल कर लिए हैं और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की तैयारी कर रहा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को ऐसी सूचनाएं मिली हैं जिनमें कहा गया है कि हवाना में अधिकारियों के बीच अमेरिकी सैन्य अड्डों और जहाजों को लेकर चर्चा हुई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि तनाव बढ़ने की स्थिति में ग्वांतानामो बे स्थित अमेरिकी नौसेना अड्डे, समुद्र में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और फ्लोरिडा के की वेस्ट इलाके को संभावित निशाना बनाया जा सकता हैं।
बताया जा रहा है कि अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता यह है कि इतनी उन्नत ड्रोन तकनीक उसके बेहद करीब मौजूद हैं। गौरतलब है कि क्यूबा के रूस और ईरान के साथ लगातार मजबूत होते रक्षा संबंध भी अमेरिका के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हवाना में ईरानी सैन्य सलाहकारों की मौजूदगी को लेकर भी अमेरिकी एजेंसियां सतर्क हैं।
एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि जब ऐसी तकनीक अमेरिका की सीमा के इतने करीब पहुंच जाए और उसमें रूस, ईरान या अन्य संदिग्ध संगठनों की भूमिका दिखाई दे, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता हैं।
इसी बीच बढ़ते तनाव के माहौल में सीआईए प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने गुरुवार को क्यूबा का दौरा किया। उन्होंने क्यूबा के अधिकारियों को किसी भी तरह की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी। साथ ही उन्होंने हवाना से यह भी कहा कि अगर वह अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत चाहता है तो उसे अपनी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव करना होगा।
हालांकि क्यूबा ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया हैं। क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज परिला ने अमेरिका पर झूठा माहौल बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि क्यूबा किसी देश को धमकी नहीं देता और न ही युद्ध चाहता है।
ब्रूनो रोड्रिगेज परिला ने यह भी कहा कि क्यूबा को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत अपनी सुरक्षा का अधिकार प्राप्त हैं और अगर किसी बाहरी हमले की स्थिति बनती है तो देश अपनी रक्षा करने के लिए तैयार रहेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका और क्यूबा के रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। शीत युद्ध के दौर से ही दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य टकराव की स्थिति बनी रही हैं। हालांकि समय-समय पर रिश्तों में सुधार की कोशिशें भी हुईं, लेकिन हालिया घटनाओं ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच अविश्वास बढ़ा दिया है।
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