नीम को आयुर्वेद में सर्वरोग निवारणी कहा गया है. यानी एक ऐसी जड़ी-बूटी जो कई बीमारियों को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखती है. डॉक्टर के मुताबिक नीम सिर्फ दातुन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी पूरी बॉडी को अंदर से मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है. डॉक्टर का कहना है कि आज भी नीम की एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टी का कोई तोड़ नहीं है. इसलिए इसे रोजमर्रा की लाइफ में जरूर शामिल करना चाहिए.
दरअसल, रायबरेली जिले के आयुष विशेषज्ञ गौरव कुमार लोकल 18 से बात करते हुए बताते है कि नीम में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग बदलते मौसम में नीम की पत्तियां चबाने की परंपरा निभाते है.
इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक: गौरव कुमार के मुताबिक नीम की पत्तियों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं. नियमित और सीमित सेवन से वायरल संक्रमण का खतरा कम हो सकता है.
खून की सफाई और त्वचा के लिए लाभकारी: नीम को रक्त शुद्ध करने वाला माना जाता है. सुबह खाली पेट 4-5 कोमल पत्तियां चबाने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलने में मदद मिलती है।.इसका असर त्वचा पर भी दिखाई देता है और मुंहासे या फोड़े-फुंसी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है.
पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त: नीम की पत्तियां पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी सहायक मानी जाती हैं. यह गैस, अपच और पेट के कीड़ों की समस्या में लाभ पहुंचा सकती हैं.
ध्यान रखें ये सावधानियां: हालांकि नीम प्राकृतिक औषधि है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है.गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन नहीं करना चाहिए. कड़वाहट के कारण इसे अधिक मात्रा में लेने से उल्टी या पेट दर्द की समस्या भी हो सकती है.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.