हरतालिका तीज पर माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा की जाती है। महिलाएं अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत करती हैं और पूजा के दौरान सुहाग के सामान चढ़ाती है। साथ ही ये 5 तरह के ट्रेडिशनल भोग भी देवी मां को लगाया जाता है। जानें कौन से हैं वो भोग….
मीठा गुलगुला
तीज की पूजा के लिए मां पार्वती और भोलेनाथ को आटे से बने मीठे गुलगुले भोग में चढ़ाए जाते हैं। गुड़ को पानी में घोलकर आटे को डालकर पेस्ट तैयार किया जाता है। इस पेस्ट में थोड़ी सी गरी, काजू, बादाम के साथ सौंफ पाउडर डालकर पेस्ट तैयार किया जाता है और फिर तेल या घी में छोटे गुलगुले तैयार तले जाते हैं। ध्यान रहे कि गुलगुले के पेस्ट को अच्छी तरह से फेंट लें। जिससे ये थोड़ा फ्लफी हो जाएं और गुलगुले फूले-फूले बनकर तैयार हों। आप चाहें तो गुड़ की बजाय चीनी का इस्तेमाल भी कर सकती हैं।
आटे का हलवा और पूड़ी
तीज की पूजा में आटे का हलवा और पूड़ी का भोग हर घर में लगाया जाता है। पूजा से पहले व्रती महिलाएं देसी घी में आटे को भूनकर हलवा तैयार करती हैं और साथ में पूड़ी बनाती है। यहीं हलवा पूड़ी अगले दिन व्रत के पारण के बाद खाने के लिए भी होता है।
मालपुआ
हरतालिका तीज की पूजा में भोग लगाने के लिए काफी सारी चीजों में मालपुआ भी शामिल होता है। मैदे में दूध डालकर घोल तैयार किया जाता है और इस घोल को घी में तलकर चीनी की चाशनी बनाकर डालते हैं। ये भोग देवी मां को अति प्रिय है।
सूजी के हलवे का भोग
आटे का हलवा बनाना मुश्किल लगता है तो काफी सारे लोग सूजी के हलवे को भी बनाकर भोग लगाते हैं। घी में सूजी को धीमी आंच पर भूनकर चीनी और दूध या पानी के साथ पकाया जाता है। अगर हलवा ज्यादा सॉफ्ट और टेस्टी बनाना है तो पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी तैयार कर लें और धीमी आंच पर सूजी को भूनने के बाद चाशनी डालें। साथ ही थोड़ी मात्रा में दूध डालकर धीमी आंच पर पकाएं। कलर के लिए केसर और सुगंध के लिए इलायची पाउडर जरूर डालें। साथ ही काजू, बादाम और पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स को भी डालें।
पिरुकिया
पिरुकिया भी हरतालिका तीज पर देवी मां को चढ़ाने के लिए बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए मैदे में घी डालकर अच्छी तरह से मिक्स किया जाता है और एक सॉफ्ट आटा पानी से गूंथकर रख लेते हैं। इसके बाद भरावन बनाने के लिए सूजी को भूनकर उसमे पिसी चीनी, नारियल का बुरादा, खोवा, ड्राई फ्रूट्स, इलायची पाउडर डालकर स्टफिंग तैयार करते हैं। तैयार गूंथे आटे से छोटी पूरी बेलकर बीच में स्टफिंग भरकर इसे रोल करके आपस में किनारों को चिपका दिया जाता है। फिर इसे घी में तल लेते हैं। ये एक तरह की गुजिया ही होती है। जिसे पूजा में देवी मां और भोलेनाथ को भोग लगाने के लिए तैयार किया जाता है।
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