सरकार जल्द ही बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन की शुरुआत कर सकती है। इसके लिए फास्टैग, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन और एआई बेस्ड ऐनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा। आइए जानते हैं डीटेल।
कैसे काम करेगा नया सिस्टम?
सरकार अब मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू करेगी। इसमें फास्टैग (RFID बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन), ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और AI एनालिटिक्स का इस्तेमाल होगा। इस तकनीक के जरिए वीइकल बिना किसी बैरियर पर रुके सीधे टोल प्लाजा से गुजर सकेंगे। सिस्टम गाड़ी की नंबर प्लेट और फास्टैग को पहचानकर अपने आप टोल काट लेगा। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और सफर पहले से ज्यादा तेज और आसान बनेगा।
17 टोल प्लाजा पर शुरू हुआ काम
सरकार ने देशभर के 17 टोल प्लाजा पर इस नई टेक्नोलॉजी को लागू करने का ठेका दे दिया है। इनमें से 5 टोल प्लाजा पर यह सिस्टम पहले ही शुरू हो चुका है। इनमें सूरत (गुजरात) का चौर्यासी टोल प्लाजा, दिल्ली का मुंडका, हरियाणा का घरौंडा और राजस्थान के मनोहरपुरा और दौलतपुरा शामिल हैं।
104 और टोल प्लाजा पर होगी शुरुआत
बाकी जिन टोल प्लाजा पर जल्द यह तकनीक लागू होगी, उनमें राजस्थान का शाहजहांपुर, तमिलनाडु के नेमिली/श्रीपेरंबदूर, चेन्नासमुद्रम और परनूर, आंध्र प्रदेश के कसेपल्ली, अमकथाडु और मारूर, महाराष्ट्र के चालाकवाड़ी और हिवरगांव पावसा, हरियाणा का बदरपुर-फरीदाबाद, गुजरात का बोराइच और असम का मदनपुर शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने 104 अडिशनल टोल प्लाजा पर भी इस टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। इससे साफ है कि आने वाले समय में यह सिस्टम पूरे देश में बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
फास्टैग ऐनुअल पास को मिला शानदार रिस्पॉन्स
गडकरी ने बताया कि 15 अगस्त 2025 से शुरू की गई फास्टैग ऐनुअल पास स्कीम को भी लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। यह सुविधा नॉन-कमर्शियल कार, जीप और वैन मालिकों के लिए शुरू की गई थी। जून 2026 तक 77 लाख से ज्यादा ऐनुअल पास जारी किए जा चुके हैं। इनके जरिए नेशनल हाइवेज पर 63 करोड़ से अधिक टोल ट्रांजैक्शन किए गए हैं।
फिलहाल कार, जीप और वैन की टोटल इलेक्ट्रॉनिक टोल वसूली में ऐनुअल पास की हिस्सेदारी करीब 33 प्रतिशत है। सरकार के मुताबिक फिलहाल राष्ट्रीय राजमार्गों पर 98 प्रतिशत से ज्यादा टोल वसूली FASTag के माध्यम से हो रही है। अब AI और ANPR आधारित नई तकनीक लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से भी काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
(Photo: business standard)
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
