खराब लाइफस्टाइल और गलत खान के कारण अक्सर लोग पेट संबंधित समस्याओं से परेशान रहते हैं। एसिडिटी की समस्या लगातार परेशान करती है। एसिड रिफ्लक्स के लिए मसालेदान खाना, चाय-कॉफी या खराब खानपान को जिम्मेदार माना जाता है। हालांकि आप नहीं जानते हैं कि आपकी गलत करीके से बैठने की आदत और खराब पोश्चचर भी इसकी बड़ी वजह हो सकती है? काफी लंबे समय तक झुककर बैठना, स्क्रीन के सामने स्लाउचिंग करना और खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाना पेट में बनने वाले एसिड को ऊपर की तरफ धकेल सकता है। ऐसे में आपके सीने में जलन, खट्टी डकारें और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
क्या कहते हैं हेल्थ एक्सपर्ट?
हेल्थ एक्सपर्ट ने बताया है कि हमारे शरीर में फूड पाइप और पेट के बीच नेचुरल बैरियर होता है, जो पेट के एसिड को ऊपर आने से रोकता है। हालांकि गलत पोश्चर पेट पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे यह सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ सकती है।
झुककर बैठना कैसे बढ़ाता है एसिडिटी?
आजकल लोग घंटों तक लैपटॉप या मोबाइल के सामने बैठे रहते हैं। इस अवधि में शरीर आगे की ओर झुका रहता है और पेट की समस्या दबने लगती है। इससे पेट के अंदर दबाव बढ़ जाता है और एसिड ऊपर की ओर आने लगता है। अक्सर ज्यादा मसालेदार खाना खाए बिना भी सिर्फ गलत तरीके से बैठने के कारण एसिडिटी महसूस होने लगती है।
डायफ्राम और सांस लेने का कनेक्शन
डॉक्टर के मुताबिक, डायफ्राम केवल सांस लेने में मदद नहीं करता, बल्कि यह एसिड रिफ्लक्स को रोकने वाले सिस्टम का भी अहम हिस्सा है। खराब पोश्चचर डायफ्राम की मूवमेंट को सीमित कर देता है। ऐसे में बेली ब्रीदिंग या डायफ्रामेटिक ब्रीदिंग एक्सरसाइज इस मसल को मजबूत बनाकर राहत दे सकता है।
खाने के तुरंत बाद लेटना क्यों है नुकसानदायक?
यदि आप खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाते हैं, तो ग्रेविटी का सपोर्ट खत्म हो जाता है। इससे पेट का एसिड आसानी से ऊपर की तरफ आने लगता है। इसी कारण से रात में एसिडिटी और सीने में जलन की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है। एक्सपर्ट भी बताते हैं खाना खाने के बाद कुछ समय तक सीधे बैठें या हल्की वॉक करें। रात को सोते समय सिर को थोड़ा ऊंचा रखकर सोना भी फायदेमंद हो सकता है।
सिर्फ दवा नहीं, लाइफस्टाइल सुधारना भी जरूरी
एसिडिटी सिर्फ एक केमिकल समस्या मानी जाती है, जो कि गलत है, कई मामलों में यह बॉडी मैकेनिक्स और लाइफस्टाइल से भी जुड़ी होती है। सही तरीके से बैठना, स्क्रीन टाइम के दौरान पोश्चचर सुधारना, डीप ब्रीदिंग की आदत डालना और खाना खाने तुरंत बाद न लेटना एसिड रिफ्लक्स को कम करने में मदद करेगा।
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