समूह चरण में कई दिग्गज टीमों ने अपनी ताकत साबित की। मेजबान देशों में शामिल मेक्सिको ने अपने पहले दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए सबसे पहले अगले दौर में जगह बनाई। इसके बाद संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, अर्जेंटीना, फ्रांस, नॉर्वे और कोलंबिया ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतिम 32 में प्रवेश किया।
गौरतलब है कि मौजूदा विश्व विजेता अर्जेंटीना ने पूरे समूह चरण में प्रभावशाली खेल दिखाया। कप्तान लियोनेल मेसी ने ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल दागते हुए अपनी टीम को अगले दौर में पहुंचाया। इसी के साथ मेसी विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक 18 गोल करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। वहीं फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे ने भी लगातार शानदार प्रदर्शन किया और टीम को आसानी से अगले दौर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
दक्षिण अमेरिका की एक और मजबूत टीम ब्राजील ने भी स्कॉटलैंड को 3-0 से हराकर समूह में पहला स्थान हासिल किया। विनीसियस जूनियर ने इस मुकाबले में दो गोल किए। वहीं मोरक्को ने भी सात अंकों के साथ अगले दौर में जगह बनाई। स्विट्जरलैंड, कनाडा और बोस्निया और हर्जेगोविना ने भी अपने समूह से आगे बढ़ने में सफलता हासिल की। बोस्निया और हर्जेगोविना सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल रही।
यूरोप की पारंपरिक मजबूत टीमों में नीदरलैंड, बेल्जियम, स्पेन, पुर्तगाल, इंग्लैंड, क्रोएशिया और ऑस्ट्रिया ने भी अंतिम 32 में जगह बनाई। जापान, ऑस्ट्रेलिया, पराग्वे, मिस्र, केप वर्डे, सेनेगल, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और अल्जीरिया भी अगले दौर तक पहुंचने में सफल रहे। मौजूद जानकारी के अनुसार दक्षिण अफ्रीका ने भी पहली बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में पहुंचकर इतिहास रच दिया है। इसी तरह केप वर्डे ने भी अपने पहले ही विश्व कप में अंतिम 32 तक पहुंचकर सभी को चौंका दिया है।
दूसरी ओर कई मजबूत और चर्चित टीमों का सफर समूह चरण में ही समाप्त हो गया। हैती सबसे पहले प्रतियोगिता से बाहर होने वाली टीम बनी। इसके बाद तुर्किये, ट्यूनीशिया, जॉर्डन, पनामा, कतर, चेकिया, कुराकाओ, न्यूजीलैंड, उरुग्वे, सऊदी अरब, इराक, ईरान, स्कॉटलैंड, उज्बेकिस्तान और दक्षिण कोरिया भी अगले दौर में जगह नहीं बना सके। इनमें उरुग्वे, दक्षिण कोरिया और स्कॉटलैंड जैसी टीमों का बाहर होना कई फुटबॉल विशेषज्ञों के लिए बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।
बता दें कि इस बार कई नई और उभरती टीमों ने भी शानदार प्रदर्शन कर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। नॉर्वे ने 28 वर्षों बाद विश्व कप में वापसी करते हुए अंतिम 32 में जगह बनाई, जबकि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य ने भी पहली बार नॉकआउट चरण में प्रवेश किया है।
अब सभी की नजर नॉकआउट मुकाबलों पर टिकी हुई है, जहां हर टीम के सामने केवल जीत ही विकल्प होगी। अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन जैसी दिग्गज टीमें खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं, लेकिन विश्व कप के इतिहास में नॉकआउट चरण हमेशा उलटफेर के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में रोमांच, दबाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा का स्तर पहले से कहीं अधिक देखने को मिलने की उम्मीद हैं।
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