डूसू चुनाव 2026 में एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास मार्कशीट विवाद के बाद चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी मार्कशीट वायरल होने के दावों को एबीवीपी ने दुष्प्रचार बताया है।
खेल से राजनीति तक: यश डबास का सफर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने डूसू चुनाव 2026 में अध्यक्ष पद के लिए दिल्ली के कंझावला निवासी यश डबास पर दांव लगाया है। श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज से ग्रेजुएशन और वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी के बुद्धिस्ट स्टडीज विभाग के छात्र यश एक अंतरराष्ट्रीय टेनिस खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने स्पेन, ऑस्ट्रेलिया और सर्बिया में आयोजित प्रतिष्ठित ITF प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा उन्होंने सीबीएसई नेशनल्स, SGFI नेशनल्स, खेलो इंडिया, 2023 ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स और उत्तर भारत विश्वविद्यालय खेलों में भी अपनी खेल प्रतिभा का परचम लहराया है। अब वह टेनिस कोर्ट की उपलब्धियों के दम पर छात्र राजनीति में नई जिम्मेदारी संभालने को तैयार हैं।
मार्कशीट विवाद क्या है?
डूसू चुनाव के लिए उम्मीदवारों की फाइनल लिस्ट जारी होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर यश डबास की एक कथित मार्कशीट की फोटो वायरल होने लगी। इसके आधार पर विरोधी संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा उनके शैक्षणिक अंकों और रिकॉर्ड पर सवाल उठाए गए और छात्रों से सोच-समझकर वोट देने की अपील की जाने लगी। हालांकि, समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार इस वायरल डॉक्यूमेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एबीवीपी का पक्ष: यह चुनाव से पहले की साजिश है
एबीवीपी के पदाधिकारियों ने मार्कशीट विवाद को पूरी तरह खारिज किया है। एबीवीपी प्रतिनिधि का कहना है कि यश डबास छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय उम्मीदवार के रूप में उभरे हैं। चुनाव में उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर विरोधी संगठन उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। एबीवीपी ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र किसी भी दुष्प्रचार के झांसे में न आकर उम्मीदवार के काम और समर्पण के आधार पर ही निर्णय लेंगे।
18 सितंबर को होगा मतदान
डूसू चुनाव 2026 में मुख्य मुकाबला एबीवीपी के यश डबास, एनएसयूआई (NSUI) के विजय शंकर मीणा और आइसा-एसएफआई (AISA-SFI) गठबंधन की अनन्या चतुर्वेदी के बीच है। 18 सितंबर को वोट डाले जाएंगे और 19 सितंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
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