SSC CGL 2026 Exam Date: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने CGL 2026 टियर-1 परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। 12,256 पदों के लिए यह परीक्षा 30 सितंबर से 30 अक्टूबर 2026 तक कंप्यूटर मोड में आयोजित की जाएगी।
12,256 पदों पर होगी भर्ती, तगड़ा रहेगा मुकाबला
कर्मचारी चयन आयोग इस बार सीजीएल भर्ती 2026 के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संवैधानिक निकायों और संगठनों में ग्रुप B और ग्रुप C के कुल 12,256 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगा। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए अभ्यर्थियों को असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO), सेंट्रल एक्साइज और इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्ट, जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (JSO), और ऑडिटर जैसे कई प्रतिष्ठित पदों पर काम करने का अवसर मिलेगा। पदों की संख्या अधिक होने के बावजूद अभ्यर्थियों के बीच इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।
कब जारी होगी एग्जाम सिटी स्लिप और एडमिट कार्ड?
कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित की जाने वाली यह परीक्षा कई दिनों तक अलग-अलग शिफ्टों में संपन्न होगी। अभ्यर्थियों के लिए एग्जाम सिटी और एप्लीकेशन स्टेटस परीक्षा शुरू होने से लगभग 10 से 12 दिन पहले आयोग की नई आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके साथ ही, सफल रजिस्टर्ड उम्मीदवार परीक्षा की तारीख से 4 दिन पहले अपना आधिकारिक एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे।
परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया
SSC CGL भर्ती में अंतिम चयन दो मुख्य चरणों—टियर-1 और टियर-2 के आधार पर होगा।
टियर-1 परीक्षा (CBT): यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। इसमें रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (गणित) और इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन से कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) पूछे जाएंगे, जो 200 अंकों के होंगे। परीक्षा हल करने के लिए अभ्यर्थियों को 1 घंटे का समय दिया जाएगा। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.50 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी होगी।
रीजनिंग: 25 प्रश्न (50 अंक)
सामान्य जागरूकता : 25 प्रश्न (50 अंक)
गणित : 25 प्रश्न (50 अंक)
अंग्रेजी : 25 प्रश्न (50 अंक)
टियर-2 परीक्षा: टियर-1 में सफलता हासिल करने वाले उम्मीदवारों को टियर-2 परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। टियर-2 का आयोजन दिसंबर 2026 में होना प्रस्तावित है।
अंतिम दिनों के लिए तैयारी के लिए टिप्स
अब परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अब कोई नया विषय शुरू करने के बजाय अपने पढ़े हुए सिलेबस का ज्यादा से ज्यादा रिवीजन करें। पुराने वर्षों के प्रश्न पत्रों (PYQ) को हल करने और नियमित मॉक टेस्ट देने से एग्जाम हॉल में स्पीड में काफी सुधार होगा।
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